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मराठी नहीं तो ड्राइविंग लाइसेंस नहीं, महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले से उत्तर भारतीयों पर बड़ा संकट

Ola Uber drivers Marathi rule: महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और ओला-उबर जैसे ऐप आधारित चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। नियम न मानने पर लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित और परमिट रद्द हो सकता है।
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मुंबई

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Imran Ansari

Aug 12, 2026

Maharashtra commercial drivers Marathi mandatory

महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले से उत्तर भारतीयों पर बड़ा संकट, फोटो ANI

Maharashtra commercial drivers Marathi mandatory: महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने और यात्रियों के साथ बेहतर संवाद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में सभी व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान (व्यावहारिक जानकारी) अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार के इस फैसले के दायरे में ऑटो-रिक्शा और पारंपरिक टैक्सियों के साथ-साथ ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित कैब सेवाओं के चालक भी शामिल होंगे। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े चालकों को नियमों में कोई राहत नहीं दी जाएगी।

'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम

'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026' के लागू होने के साथ ही परिवहन नियमों के प्रावधान 4(4), 78 और 85 में बदलाव किए गए हैं। अब सार्वजनिक सेवा वाहनों के संचालन, नए परमिट आवेदन तथा नवीनीकरण (रिन्यूअल) के लिए स्थानीय भाषा की जानकारी होना आवश्यक शर्त बना दिया गया है।

विधान 22(3A) के तहत नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। पहली बार नियम तोड़ने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है, जबकि बार-बार उल्लंघन करने की स्थिति में वाहन का परमिट स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। मुंबई और पुणे जैसे बड़े महानगरीय क्षेत्रों में इस नियम को सख्ती से लागू किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में गैर-मराठी भाषी चालकों के सामने जल्द से जल्द मराठी भाषा सीखने की चुनौती बढ़ गई है।

105 दिनों का विशेष मराठी प्रशिक्षण कार्यक्रम

चालकों को भाषा सीखने में मदद करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने साहित्यिक संस्थाओं (जैसे कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ) के सहयोग से 105 दिवसीय प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। RTO और भाषा केंद्रों के माध्यम से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में अब तक 1.10 लाख से अधिक गैर-मराठी भाषी चालक 4 घंटे का बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं।

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चालकों को 17 अगस्त को ठाणे में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि चालक 15 अगस्त की निर्धारित समय सीमा से पूर्व भाषा संबंधी योग्यताओं को पूरा कर लें।

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