
लाडली बहनों को जल्द मिलेंगे 1500 रुपये (Photo: IANS)
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पता चला कि महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना का लाभ करीब 14 हजार पुरुष भी उठा रहे थे। अब राज्य सरकार ने ऐसे सभी लोगों से योजना के तहत ली गई राशि की पूरी वसूली करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा है कि योजना का गलत फायदा उठाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनसे बिना किसी देरी के पूरी रकम वापस ली जाएगी।
लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के लिए ऑनलाइन ई-केवाईसी (eKYC) की समयसीमा 30 अप्रैल को समाप्त होने के बाद लाभार्थियों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, योजना के लाभार्थियों की संख्या करीब 2.4 करोड़ से घटकर 1.7 करोड़ रह गई है। यानी 80 लाख लाडली बहनों को योजना से बाहर कर दिया गया है।
इसे लेकर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर उन्हें धोखा दिया है। चुनाव खत्म होने की वजह से अब उन्हें इन लाडली बहनों की जरुरत नहीं है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी पात्र महिला को योजना से बाहर नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि योजना का लाभ सही और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
फडणवीस ने कहा, हमने किसी पात्र महिला को योजना से बाहर नहीं किया है। पात्रता के कई मानदंड थे। सत्यापन के दौरान ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई जो या तो अपात्र थे या उनके रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां थीं।
अधिकारियों के अनुसार, लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों के जांच में बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आए जो योजना की शर्तों पर खरे नहीं उतरते थे। सत्यापन के दौरान करीब 12 लाख महिलाएं आयकरदाता पाई गईं, जिनकी आय निर्धारित सीमा ढाई लाख रुपये से अधिक थी। वहीं 4.5 लाख से ज्यादा महिलाएं अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष पार कर चुकी थीं। इसके अलावा पांच लाख महिलाएं पहले से नमो शेतकरी योजना का लाभ ले रही थीं।
सरकार ने यह भी पाया कि पांच लाख सरकारी कर्मचारी, 10 लाख आयकरदाता और पांच लाख वाहन मालिक भी पात्रता शर्तें पूरी किए बिना योजना का लाभ ले रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरा करने के लिए लगभग आठ महीने का समय दिया था। इसके बावजूद 50 से 55 लाख महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।
हालांकि, इस दौरान दो से तीन लाख लाभार्थियों ने अपने दस्तावेजों और रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को सुधार लिया, जिससे वे पात्रता की सूची में बने रहे।
जांच के दौरान करीब 25 लाख महिला लाभार्थियों के केवाईसी रिकॉर्ड में त्रुटियां भी सामने आईं। सरकार ने बाद में इन रिकॉर्डों को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू की, जिससे बड़ी संख्या में वास्तविक लाभार्थियों को राहत मिली।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकेत दिए हैं कि सरकार जरूरत पड़ने पर केवाईसी प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि जो लोग पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते, उन्हें भविष्य में योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य किसी पात्र महिला को योजना से वंचित करना नहीं है। लेकिन जो अपात्र हैं, उन्हें योजना के तहत कोई पैसा नहीं मिलेगा।
Updated on:
03 Jun 2026 09:31 am
Published on:
03 Jun 2026 09:31 am
