
संजय राउत पर लगा जुर्माना
मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को शिवसेना सांसद संजय राउत से मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में दस घंटे तक पूछताछ की। ईडी के कार्यालय से बाहर आने के बाद राउत ने कहा कि उन्होंने गोरेगांव में एक पुनर्विकास परियोजना में अनियमितताओं और कथित रूप से उनकी पत्नी से जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित आरोपों पर केंद्रीय एजेंसी को अपना "पूर्ण सहयोग" दिया।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा “इस देश का एक ज़िम्मेदार नागरिक, सांसद होने के नाते मेरा ये कर्तव्य है कि जब देश की कोई भी जांच एजेंसी मुझे बुलाती है तो मैं उनके समक्ष जाकर बयान दूं। मुझे बुलाया गया, लोगों के मन में कुछ शंका है कि ये राजनीतिक दबाव में हुआ है, ऐसी कोई बात नहीं है।“
उन्होंने आगे कहा “उनके मन में शंका थी, टाइमिंग की थोड़ी समस्या है कि यही टाइमिंग क्यों रखी। 10 घंटे तक मैं उनके साथ रहा, अधिकारी बहुत अच्छे से मेरे साथ पेश आए। मैंने सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। मैंने उन्हें कहा कि अगर आपको लगता है कि मुझे वापस आना चाहिए तो मैं फिर आ जाऊंगा।“
राउत शुक्रवार सुबह करीब 11.50 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पूछताछ से पहले कहा था, 'एक जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाले नागरिक और सांसद के तौर पर मैं यहां ईडी के सवालों का जवाब देने आया हूं।'
ईडी ने राउत को मुंबई 'चॉल' (किराया) के पुनर्विकास और उनकी पत्नी और दोस्तों से संबंधित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में पूछताछ के लिए तलब किया था। एजेंसी ने इससे पहले उन्हें 28 जून को तलब किया था।
हालांकि, तब राउत ने ईडी के समन को एक "साजिश" करार दिया था और आरोप लगाया था कि उन्हें शिवसेना के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ लड़ने से रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसी का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि तब वो अपनी एक बैठक का हवाला देकर ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद ईडी ने नया समन जारी किया और उसे शुक्रवार को पेश होने को कहा था।
Published on:
02 Jul 2022 03:20 pm
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