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महाराष्ट्र में कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, पुणे और सांगली में बिगड़ रहे हालात, मुंबई में BMC हुई अलर्ट

Coronavirus in Mumbai Pune Sangli: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नेशनल कोविड टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. राजीव जयदेवन ने अपील की है कि कोरोना के लक्षण दिखते ही लोग डॉक्टर की सलाह लें, इसे नजरअंदाज न करें।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 28, 2023

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मुंबई में कोविड--19 के मरीज बढ़े

Maharashtra COVID Update: देशभर में एक बार फिर कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। संक्रमण का खतरा बढ़ने की वजह से आम नागरिक भी चिंतित हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश के 14 राज्यों के 32 जिलों में एक हफ्ते की पॉजिटिव रेट (TPR) 10 फीसदी से ऊपर चली गई है। जिसमें महाराष्ट्र का पुणे और सांगली जिला भी शामिल है. मुंबई में भी कोरोना पॉजिटिव केसों ने डराना शुरू कर दिया है।

महाराष्ट्र में केरल के बाद सबसे ज्यादा कोविड-19 के पॉजिटिव मरीज हैं। अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र के सांगली में 14.6 प्रतिशत और पुणे में 11.1 प्रतिशत की सकारात्मकता दर दर्ज की गई है। हालांकि, कम टेस्ट करने के कारण सोमवार को राज्य में कोविड-19 मामलों की संख्या कम थी। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े से पता चलता है कि महाराष्ट्र में वीकली पॉजिटिविटी दर मार्च 3 को समाप्त हुए सप्ताह में 0.54% से बढ़कर 24 मार्च को 4.58% हो गई। यह भी पढ़े-Earthquake: मुंबई के पश्चिमी तट से दूर समुद्र में आया भूकंप, 5 किमी गहराई में था केंद्र, कोई नुकसान नहीं


मुंबई में BMC हुई अलर्ट

वहीँ, मुंबई में भी कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर में कोविड के एक्टिव मरीजों की संख्या 600 के करीब पहुंच गई है। बीएमसी ने कहा है कि जैसे-जैसे कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ेगी, उसी जरूरत के हिसाब से अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। मौजूद हालत को देखते हुए मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने दो अस्पतालों में कोविड बेड की संख्या बढ़ा दी गई। बीएमसी ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।

शहर में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अलर्ट हो गई हैं। बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे (Dr Mangala Gomare) ने कहा, "हमने सभी अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) की निगरानी तेज करने और कोविड-19 परीक्षणों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा है।"


लक्षण को न करें नजरअंदाज

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नेशनल कोविड टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. राजीव जयदेवन ने अपील की है कि कोरोना के लक्षण दिखते ही लोग डॉक्टर की सलाह लें, इसे नजरअंदाज न करें।

मालूम हो कि पिछले साल भी जनवरी से मार्च के बीच भारत में कोरोना महामारी की तीसरी लहर आई थी। तब संक्रमितों में सामान्य लक्षण थे। साथ ही अस्पताल में भर्ती होने की दर भी कम थी। अब एक बार फिर जब कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, तो देशभर में अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। अभी भारत में कोरोना संक्रमण की दैनिक दर 1.30 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.47 प्रतिशत है।