
समृद्धि महामार्ग पर बड़ा हादसा
Maharashtra Samruddhi Mahamarg: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 11 दिसंबर को हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग के पहले चरण का शुभारंभ किया। अब समृद्धि महामार्ग को शुरू हुए 100 दिन पूरे हो गए हैं। इन 100 दिनों में समृद्धि महामार्ग पर करीब 900 हादसे हो चुके हैं। जिसमें कुल 31 लोगों की जान चली गई थी। कुछ हादसों में जंगली जानवर भी हताहत हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, समृद्धि महामार्ग पर वाहनों की चपेट में आने वाले अधिकतर वन्यप्राणियों की मौत हुई है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस महामार्ग पर प्रतिदिन औसतन 9 छोटी और बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में 520 किलोमीटर लंबे नागपुर-शिरडी को जोड़ने वाले समृद्धि महामार्ग को हादसों का एक्सप्रेस-वे भी कहा जाने लगा है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में बेबस हुआ किसान... 3500 किलो प्याज बेचने पर नहीं मिला 1 भी रुपया, उल्टा व्यापारी ने मांगे 1800 रुपये
वाहनों के टायर पंक्चर होने से 15% दुर्घटनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को नागपुर से शिर्डी समृद्धि महामार्ग कके पहले चरण का उद्घाटन किया था। चौंकाने वाली बात यह है कि 900 हादसो में 46 फीसदी हादसे मैकेनिक ब्रेक डाऊन होने के कारण हुए हैं। जबकि समृद्धि महामार्ग पर 15 फीसदी दुर्घटनाएं वाहनों के टायर पंक्चर होने और 12 फीसदी हादसे टायर फटने की वजह से हुए।
कुछ सड़क हादसों में जंगली जानवर भी घायल हुए हैं। वाहनों की चपेट में आने वाले अधिकतर जानवरों की जान जा चुकी है। इसलिए इस हाईवे पर जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने को लेकर भी फैसला लेने की जरूरत है। समृद्धि महामार्ग लगातार हादसों की वजह से सुर्खियों में आया है। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया है कि कई हादसे इसलिए हुए क्योंकि वाहनों का ईंधन खत्म होने के बाद वह अचानक सड़क पर रुक गए। इस पृष्ठभूमि में परिवहन विभाग ने महाराष्ट्र सड़क विकास निगम को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
बता दें कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2021 में कुल 4,12,432 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 1,53,972 लोगों की जान चली गई और 3,84,448 लोग घायल हुए। सीट बेल्ट नहीं पहनने के कारण 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में 16,397 लोगों की जान गई। जिसमें 8,438 वाहन चालक थे और बाकि 7,959 यात्री थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में सीट बेल्ट नहीं पहनने के कारण 39,231 लोग घायल हुए।
महाराष्ट्र के 10 जिलों को जोड़ेगा समृद्धि महामार्ग
मालूम हो कि समृद्धि महामार्ग या नागपुर-मुंबई सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे परियोजना देशभर में बेहतर संपर्क और बुनियादी ढांचा उपलबध कराने के मोदी सरकार की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह एक्सप्रेसवे 701 किलोमीटर लंबा है और लगभग 55,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक है।
यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनने के बाद महाराष्ट्र के 10 जिलों और अमरावती, औरंगाबाद और नासिक के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे आसपास के 14 अन्य जिलों में संपर्क को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यह एक्सप्रेसवे विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र के क्षेत्रों सहित राज्य के लगभग 24 जिलों के विकास में सहायता करेगा।
समृद्धि महामार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जवाहरलाल नेहरू पत्तन न्यास और अजंता एलोरा गुफाओं, शिरडी, वेरुल, लोनार आदि जैसे पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगा। इसलिए सरकार को उम्मीद है कि समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र के आर्थिक विकास को गति देने में गेम चेंजर साबित होगा।
Published on:
21 Mar 2023 08:06 pm
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