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महाराष्ट्र: विज्ञापन विवाद के बीच शिंदे-फडणवीस की बंद कमरे में मीटिंग, आज दिल्ली जाएंगे मुख्यमंत्री

Maharashtra Politics: शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा मंगलवार को अखबारों में एक विज्ञापन छपवाया गया था, जिसमें पीएम मोदी और सीएम शिंदे की तस्वीर थी, लेकिन फडणवीस की तस्वीर गायब थी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 17, 2023

Devendra Fadnavis Eknath Shinde

देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे

Shiv Sena BJP Ad Row: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना के एक विज्ञापन ने सूबे की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विज्ञापन विवाद के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज (17 जून) दिल्ली दौरे (CM Eknath Shinde Delhi Visit) पर जाने वाले हैं। इस दौरान वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले मुंबई में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के साथ सीएम शिंदे की बंद कमरे में बैठक हुई थी।

बीजेपी के दिग्गज नेता फडणवीस की शिंदे से बंद कमरे में मुलाकात को इस पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है। शिवसेना के विवादास्पद विज्ञापन ने महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध छेड़ दिया था। मंगलवार को अखबार में छपे विज्ञापन में कथित तौर पर शिंदे को फडणवीस की तुलना में राज्य में अधिक लोकप्रिय दिखाया गया था। हालांकि बाद में दोनों दलों के बड़े नेताओं ने इससे शिवसेना-बीजेपी गठबंधन में आई खटास को दूर करने की कोशिश की। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की बेल का ईडी ने किया विरोध, कहा- जीने के लिए एक किडनी भी काफी

राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन को लेकर शिंदे ने कहा कि 'ये फेविकोल का मजबूत जोड़ है, टूटेगा नहीं'। इस दौरान मंच पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। वहीँ, फडणवीस ने कहा कि शिवसेना-बीजेपी सरकार इतनी कमजोर नहीं है कि विज्ञापन या किसी के बयान से इसे कुछ हो जायेगा। उन्होंने शिंदे को महाराष्ट्र का लोकप्रिय मुख्यमंत्री भी बताया।

सीएम और डिप्टी सीएम ने पालघर में 'शासन आपल्या दारी' कार्यक्रम (Shasan Aaplya Daari) में यह टिप्पणी की। शिंदे और फडणवीस ने एक ही हेलीकॉप्टर में पालघर की यात्रा भी की। दरअसल फडणवीस इससे पहले दो कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए थे। जिसमें से एक मंगलवार को कोल्हापुर में एक सरकारी समारोह था और दूसरा बुधवार को MSRTC की वर्षगांठ का कार्यक्रम था।

फडणवीस ने गुरुवार को आगे कहा, "किसी भी विज्ञापन की वजह से हमारे बीच कोई दूरी नहीं आ सकती है। यह पुरानी सरकार नहीं है, जहां लोग एक-दूसरे का कॉलर पकड़कर पहले बोलने के लिए लड़े। हमारी सरकार आम आदमी के लिए काम करती है। हमने कुर्सी हड़पने या पद पाने के लिए सरकार नहीं बनाई है। आम लोगों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने के लिए बनाई है।"

वहीँ, सीएम शिंदे ने कहा कि फडणवीस से उनकी दोस्ती 15-20 साल पुरानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उनकी और फडणवीस की दोस्ती को 'जय वीरू की जोड़ी और धरम-वीर जोड़ी' कहते हैं। उन्होंने कहा, "यह दिल से दिल की दोस्ती है। हमारे बीच मजबूत रिश्ता है... यह कुर्सी या स्वार्थ के लिए नहीं है। जो लोग स्वार्थ के लिए एकजुट थे, उन्हें आम लोगों ने दरकिनार कर दिया।"

विज्ञापन में क्या था?

मंगलवार को शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा अखबारों में एक विज्ञापन छपवाया गया था, जिसमें पीएम मोदी और सीएम शिंदे की तस्वीर थी, लेकिन फडणवीस की तस्वीर गायब थी। जिस वजह से सियासी विवाद खड़ा हो गया। विज्ञापन में एक सर्वेक्षण का हवाला दिया गया था और कहा गया था कि 26.1% लोगों ने शिंदे को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया जबकि 23.2% ने फडणवीस को चुना। इसके अलावा विज्ञापन में कहा गया था 'राष्ट्र में मोदी और महाराष्ट्र में शिंदे सरकार'। इस पर बीजेपी द्वारा नाखुशी जाहिर करने के बाद डैमेज कंट्रोल मोड में आई शिवसेना ने बुधवार को एक नया विज्ञापन छपवाया, जिसमें फडणवीस के साथ शिंदे की तस्वीर थी। इस बार विशेष रूप से विज्ञापन में फडणवीस के साथ शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की तस्वीर भी थी।