1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोबाइल ने मां-बाप से किया दूर.. प्यार में पड़कर भाग रहीं लड़कियां- महाराष्ट्र महिला आयोग चीफ का दावा

Rupali Chakankar: महाराष्ट्र महिला आयोग की चीफ ने कहा कि ग्राम सभाओं को बाल विवाह पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए और इस दिशा में प्रस्ताव पारित करना चाहिए।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Aug 29, 2023

Entertainment

हॉलीवुड में सितारे ज्यादा खुलकर अपनी यौन इच्छाओं पर बात करते रहे हैं।

Maharashtra Women Commission: महाराष्ट्र महिला आयोग की प्रमुख रुपाली चाकणकर (Rupali Chakankar) ने लड़कियों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर अब चर्चा शुरू हो गयी है। उन्होंने दावा किया कि मोबाइल फोन की वजह से बच्चों और उनके पेरेंट्स के बीच दूरियां आई है। इसलिए संभवत: लड़कियां प्यार में पड़कर घर से भाग रही हैं।

महाराष्ट्र के लातूर में एक प्रेस कांफ्रेंस में रुपाली चाकणकर ने दावा किया कि मोबाइल फोन के कारण माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद का अभाव हुआ है। हो सकता है कि इसलिए लड़कियां प्यार में पड़कर घर से भाग रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लगाये गए लॉकडाउन के बाद से राज्य में बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों की बहार! इस विभाग में 11 हजार पदों पर होगी भर्ती, खुद मंत्री जी ने किया ऐलान

पत्रकारों से बात करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष चाकणकर बताया कि अकेले लातूर में 37 बाल विवाह रोके गए। इनमें से दो मामलों में केस भी दर्ज किए गया। उन्होंने बताया कि महिला आयोग अपलया दारी पहल के तहत 28 जिलों की लगभग 18,000 शिकायतों का निस्तारण किया है।

चाकणकर ने कहा कि ग्राम सभाओं को बाल विवाह पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए और इस दिशा में प्रस्ताव पारित करना चाहिए। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसी शादियों का निमंत्रण छापने वाले के खिलाफ भी एक्शन लिया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि मोबाइल फोन और प्रौद्योगिकी के अन्य साधन उपलब्ध होने के कारण माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी आई है, जिसकी वजह से लड़कियां संभवत: प्यार में पड़कर घर से भाग रही हैं। पुलिस के ‘दामिनी स्क्वाड’ को लड़कियों की सुरक्षा के लिए उनके साथ अधिक बातचीत करनी चाहिए।