
सरकार कर रही न्याय देवता का अपमान- मनोज जरांगे (Photo: IANS)
Manoj Jarange Maratha Andolan: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई के आजाद मैदान पुलिस ने मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मराठा कार्यकर्ता ने साफ कर दिया है कि वह मुंबई जाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। उन्होंने इस फैसले को लेकर भाजपा नीत महायुति सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘न्याय देवता' का अपमान बताया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया है कि इस मामले को लेकर उनकी कानूनी टीम अदालत का रुख कर सकती है।
मराठा समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर मनोज जरांगे का अनशन आज 16वें दिन भी जारी है। उन्होंने आज कहा कि वह अब सलाइन भी नहीं लेंगे। आंदोलन को लेकर पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बाद मराठा आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन के लिए पुलिस स्टेशन में आवेदन दिया गया था। हालांकि, पुलिस ने आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। जरांगे पाटील ने सवाल उठाया कि जब उन्होंने अभी तक किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है तो पहले ही अनुमति क्यों खारिज कर दी गई?
उन्होंने कहा कि पिछले साल इसी आंदोलन के लिए अनुमति दी गई थी, फिर इस साल अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आजाद मैदान पुलिस ने अनुमति नहीं देने के पीछे पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान नियम एवं शर्तों के उल्लंघन का हवाला दिया है।
मनोज जरांगे ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मुंबई जाएंगे और आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, “हम मुंबई में शांतिपूर्ण तरीके से जाएंगे। आप मनमानी करेंगे, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं।”
जरांगे ने सरकार पर मराठा समाज के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या सरकार के मन में मराठा समाज के प्रति द्वेष है। उन्होंने कहा, क्या इसे ही सरकार कहते हैं, मराठों, न्यायपालिका और संविधान के साथ अन्याय करना?
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल भी यही सरकार और यही गृहमंत्री थे, तब अनुमति मिली थी तो इस साल क्यों नहीं? उन्हें कानून की कोई परवाह नहीं है। यह सरकार की तरफ से किया गया अपमान है; यह न्याय के देवता का अपमान है।
जरांगे पाटील ने कहा कि वह न्यायदेवता के पक्ष में हैं और कानून का सम्मान करते हैं। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने शर्तें लगाने के बाद आंदोलन को रोकने की बात नहीं कही है, इसके बावजूद सरकार न्यायालय की बात नहीं मान रही है।
उन्होंने कहा कि अनुमति के लिए आवेदन किया गया है और पुलिस को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके वकीलों की टीम पूरे मामले को देख रही है और जरूरत पड़ने पर यह तय करेगी कि कानूनी तौर पर मामला कहां उठाया जाना है।
जरांगे पाटील ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से होगा और उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने सरकार पर राज्य में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपने बयान में गंभीर आशंका भी जताई और सवाल किया कि गोली चलाने की साजिश रची गई है क्या? जरांगे ने दावा किया कि मुंबई मार्च के दौरान उन्हें गोली मारने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि वह किसी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
फिलहाल आजाद मैदान पुलिस द्वारा अनुमति से इनकार किए जाने के बाद अब जरांगे पाटील की कानूनी टीम इस मामले में क्या कदम उठाती है, इस पर नजर रहेगी।
Updated on:
13 Sept 2026 04:21 pm
Published on:
13 Sept 2026 03:49 pm
