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पत्नी ने छोड़ा तो 15000 लोगों की जान लेने निकला फैयाज, मुहर्रम जुलूस में बांटी जहरीली गोलियां

Mumbai Muharram Poison Plot: मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हजारों लोगों को जहरीली गोलियां बांटने वाले फैयाज को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक पारिवारिक तनाव और समाज के प्रति नफरत के चलते उसने साजिश रची। एटीएस और मुंबई पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 29, 2026

Mumbai Muharram Poison Plot Fayaz Premji

क्यों 15000 लोगों की जान पर उतारू हुआ फैयाज? (Photo:X/IANS)

Muharram Procession Poison Plot: मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हजारों लोगों को जहरीली गोलियां बांटने वाले 39 वर्षीय फैयाज को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक पारिवारिक तनाव और समाज के प्रति नफरत के चलते उसने साजिश रची। एटीएस और मुंबई पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीली कैप्सूल बांटने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी की वैवाहिक और पारिवारिक जिंदगी में आई उथल-पुथल के बाद उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। पुलिस का दावा है कि इसी के बाद उसके मन में अपने ही समाज के एक विशेष वर्ग के प्रति गहरी नाराजगी और नफरत पैदा हुई, जिसने कथित तौर पर इस साजिश को जन्म दिया।

पुलिस के अनुसार, फैयाज मुहर्रम जुलूस से लगभग दो हफ्ते पहले से डोंगरी के एक होटल में ठहरा हुआ था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में आरोपी के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं। फिर भी मामले की हर एंगल से जांच जारी है।

बदला लेने की सनक, मुहर्रम की भीड़ को बनाया निशाना

पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि करीब चार साल पहले फैयाज की शादी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। जांच के अनुसार, उसका अपने परिवार के साथ भी संबंध ठीक नहीं था और वह खुद को उपेक्षित महसूस करता था।

पुलिस का कहना है कि आरोपी अलग-अलग तरह की दवाइयों का सेवन भी करता था। उसे लगता था कि उसकी वैवाहिक और पारिवारिक परेशानियों के लिए उसका अपना समाज जिम्मेदार है। इसी सोच के चलते वह बदला लेने का अवसर तलाश रहा था। जांच के मुताबिक, मुहर्रम के जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए उसने कथित तौर पर उसी दिन जहरीली कैप्सूल बांटने की योजना बनाई।

सलमान की सतर्कता से टला अनर्थ

जांच में यह भी सामने आया कि फैयाज द्वारा दी गई कैप्सूल खाने के बाद सलमान नामक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। घर पहुंचने के बाद उनकी हालत और खराब होने लगी, जिसके बाद उन्होंने डोंगरी के अस्पताल जाने का फैसला किया।

इससे पहले उन्होंने इमामवाड़ा इलाके के शिया समाज के कुछ प्रमुख लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जुलूस में मौजूद अन्य लोगों को भी सतर्क किया गया। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते यह सूचना नहीं दी जाती, तो बड़ी संख्या में लोग उन कैप्सूल का सेवन कर सकते थे और गंभीर हादसा हो सकता था।

आतंकी संगठन से संबंध के सबूत नहीं

पुलिस के अनुसार, आरोपी के मन में अपने समाज के प्रति नाराजगी जरूर थी, लेकिन अब तक की जांच में उसके किसी कट्टरपंथी संगठन या आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

हालांकि, उसने पहले इराक और ईरान की यात्राएं की थीं। इसी कारण जांच एजेंसियां कोई भी संभावना पूरी तरह खारिज नहीं कर रही हैं। उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इंटरनेट गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और हाल के संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।

पुणे में परिवार से कई घंटे पूछताछ

रविवार को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने पुणे के एयरपोर्ट इलाके स्थित फैयाज के घर पहुंचकर उसके माता-पिता और भाई से करीब पांच से छह घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसियों ने आरोपी की गतिविधियों, उसके संपर्कों, रहने के तरीके और हाल के व्यवहार से जुड़ी जानकारी जुटाई। घर का निरीक्षण भी किया गया और कई अहम जानकारियां एकत्र की गईं।

चूहे मारने वाले जहर का किया इस्तेमाल

प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी के पुणे स्थित घर के आसपास बड़ी संख्या में चूहे थे। उन्हें मारने के लिए वह नियमित रूप से जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले रसायन का इस्तेमाल करता था।

इसी रसायन का उपयोग कथित तौर पर उन कैप्सूल में भी किया गया, जिन्हें वह मुहर्रम जुलूस में हर्बल दर्द निवारक दवा बताकर लोगों में बांट रहा था।

14900 कैप्सूल जब्त, ऑनलाइन मंगाया था 'जहर'

मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को भायखला इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान फैयाज प्रेमजी को हिरासत में लिया था। जांच में पता चला कि जिन कैप्सूल को वह हर्बल पेनकिलर बताकर बांट रहा था, उनमें चूहे मारने में इस्तेमाल होने वाला जिंक फॉस्फाइड मौजूद था।

पुलिस ने उसके पास से 14,900 कैप्सूल बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कथित तौर पर 50 किलो जिंक फॉस्फाइड पाउडर और 30 हजार खाली कैप्सूल ऑनलाइन मंगवाए थे।

फिलहाल मुंबई पुलिस और एटीएस इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था, क्या इस कथित साजिश में कोई और भी शामिल था और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

बेहद पढ़ा लिखा है फैयाज

फैयाज उच्च शिक्षित है। वह कुछ वर्ष पहले नौकरी की तलाश में अपनी बड़ी बहन के पास ईरान गया था। उसकी बड़ी बहन ईरान में डॉक्टर है, जबकि उसकी मां भी वहीं बहन के साथ रहती हैं।

फैयाज करीब चार साल तक ईरान में रहा, लेकिन वहां उसे अपनी उम्मीद के मुताबिक नौकरी नहीं मिल सकी। इसके बाद वर्ष 2025 में वह भारत लौट आया। भारत आने के बाद वह अपने भाई के साथ मिलकर पिता के कलर पेंटिंग (रंगाई-पुताई) के व्यवसाय में उनकी मदद करने लगा।