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मुंबई को मिल सकता है पहला भूमिगत लोकल स्टेशन, रेलवे ने शुरू की बड़ी तैयारी

Mumbai local train news: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन के नेटवर्क में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। मध्य रेलवे (CR) की पांचवीं और छठी लाइन परियोजना के तहत भायखला रेलवे स्टेशन को अंडरग्राउंड (भूमिगत) बनाया जा सकता है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 15, 2026

Mumbai Local train Update

मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट (Photo: IANS)

Byculla underground local station: मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मध्य रेलवे (Central Railway) की महत्वाकांक्षी 5वीं और 6वीं रेल लाइन परियोजना के तहत भायखला (Byculla) रेलवे स्टेशन को शहर का पहला भूमिगत उपनगरीय (लोकल) रेलवे स्टेशन बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह मुंबई के रेल नेटवर्क के इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगा और लोकल यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस अंडरग्राउंड स्टेशन मिलेगा।

परेल से CSMT के बीच 7.4 किमी का ट्रैक अंडरग्राउंड करने की योजना

जानकारी के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य परेल से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच करीब 7.4 किमी लंबे फास्ट सबअर्बन कॉरिडोर को भूमिगत करना है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह भूमि अधिग्रहण की समस्या और परियोजना से प्रभावित होने वाले लगभग सैकड़ों परिवारों के पुनर्वास की चुनौती बताई जा रही है।

इस परियोजना के लिए मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) ने जापानी कंसल्टेंसी PADECO को तकनीकी व्यवहार्यता, भूगर्भीय स्थितियों, स्टेशन डिजाइन और लागत का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

योजना के तहत मौजूदा फास्ट ट्रैक पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलती रहेंगी, जबकि फास्ट उपनगरीय लोकल सेवाओं को भूमिगत ट्रैक पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह समाधान व्यावहारिक होने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

लागत 3 गुना तक बढ़ने का अनुमान, लेकिन भविष्य के लिए जरुरी

मध्य रेलवे की 17.5 किमी लंबी 5वीं और 6वीं लाइन परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले फेज में कुर्ला से परेल तक 10.1 किमी का हिस्सा बनाया जाएगा, जबकि दूसरे फेज में परेल से सीएसएमटी तक 7.4 किमी वाले सेक्शन पर काम होगा। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कुर्ला-परेल खंड पर काम जारी है, जबकि परेल-सीएसएमटी सेक्शन अभी लंबित है।   

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर को अंडरग्राउंड करने के इस विकल्प से परियोजना की कुल लागत सामान्य से ढाई से तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसके बावजूद यह योजना व्यावहारिक है क्योंकि इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) लोकल ट्रेनें लंबी दूरी की ट्रेनों की तुलना में अधिक तीव्र ढलान पर भी आसानी से चल सकती हैं।

साथ ही भारी खर्च के बावजूद अधिकारी इसे मुंबई की भविष्य की जरूरतों और लोकल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन और दीर्घकालिक समाधान के रूप में देख रहे हैं।