
मुंबई में शिंदे और उद्धव गुट में विवाद
Shiv Sena vs Shiv Sena: महाराष्ट्र की प्रमुख राजनीतिक पार्टी शिवसेना के दो धड़ों के बीच की लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। बीती रात मुंबई के प्रभादेवी इलाके (Prabhadevi) में शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट आमने-सामने आ गए। इस दौरान गोलीबारी के भी आरोप लग रहे है। हालांकि मुंबई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को जल्द ही नियंत्रित कर लिया।
मुंबई पुलिस ने बताया कि दादर इलाके में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एकनाथ शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं और उद्धव ठाकरे गुट के बीच झड़प हो गयी। पुलिस ने उद्धव ठाकरे गुट के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। जबकि मारपीट में शामिल 30 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह भी पढ़े-Navneet Rana: सांसद नवनीत राणा की मुश्किलें बढ़ी, अमरावती में FIR दर्ज, मानहानि और धमकी देने का आरोप
हालांकि मुंबई पुलिस ने पहले आईपीसी (IPC) की धारा 395 सहित विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किए गए शिवसेना के पांच लोगों को राहत देने के लिए एफआईआर से धारा 395 हटा दिया। क्योकि इसके अलावा अन्य सभी धाराएं जमानती हैं।
MLA सदा सरवणकर पर फायरिंग का आरोप-
वहीँ, मुंबई के शिवसेना विधायक सदा सरवणकर (Sada Sarvankar), उनके बेटे और 6 अन्यों पर पुलिस ने दंगा और हथियार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला केस दर्ज किया है. आरोप है कि सीएम एकनाथ शिंदे के समर्थक सरवणकर ने थाने के बाहर गोलीबारी की। जिसमें उद्धव खेमे के एक नेता की जान बाल-बाल बची।
बागी नेता ने कहा 'बदनाम करने की साजिश'
हालांकि, शिवसेना के बागी नेता सरवणकर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, मैंने कोई फायरिंग नहीं की, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। शिंदे समूह के विधायक सदा सरवणकर ने आरोप लगाया है कि यह उन्हें बदनाम करने की एक सोची समझी रणनीति है। मैं विधायक होने के नाते शिंदे गुट में गया, इसलिए यह साजिश की जा रही है। मेरे साथ बंदूकधारी पुलिसकर्मी रहता है, मैं फिर क्यों अपने हाथ में पिस्तौल लूँगा।
सरवणकर ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, अगर कोई पुलिस पर दबाव बनाकर मामला दर्ज करवाता है तो पुलिस इसकी जांच करेगी। इस क्षेत्र से विधायक होने के नाते मुझे बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम लड़ाई से नहीं बल्कि काम से बड़े बने हैं। भविष्य में इस तरह के विवादों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। पुलिस जब भी जांच के लिए बुलाएंगे तो मैं उनकी मदद के लिए जाऊंगा।
क्या है मामला-
गौरतलब हो कि यह मामला तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan) के दौरान शिवसेना के दोनों धड़ों (उद्धव और शिंदे) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बाद में शनिवार रात को यह विवाद फिर भड़क उठा।
उद्धव गुट के कार्यकर्ता विधायक सरवणकर के बिल्डिंग के बाहर जमा हो गए और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच शिंदे गुट के लोग भी मौके पर पहुंच गए जिससे दोनों गुटों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई और खूब हंगामा हुआ।
Published on:
11 Sept 2022 05:07 pm
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