
मुंबई में नशे की पार्टी ने ली युवक-युवती की जान, एक गंभीर (AI Image)
मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) एग्जीबिशन सेंटर में शनिवार की रात एक म्यूजिक इवेंट (999999999 Music Concert) मातम में बदल गया। दक्षिण मुंबई के नामी कॉलेज के दो एमबीए छात्रों की संदिग्ध ड्रग्स ओवरडोज से मौत हो गई है, जबकि एक 25 वर्षीय छात्रा अभी भी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इवेंट आयोजक, नेस्को के कर्मचारी और पीड़ितों के दोस्त शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल की रात लगभग 25 छात्रों का एक ग्रुप गोरेगांव पूर्व स्थित नेस्को में आयोजित लेट-नाइट टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट में शामिल होने पहुंचा था। इवेंट के दौरान कथित तौर पर 'येलो पिल' (MDMA) बांटी गई थी। इस ड्रग्स के सेवन के बाद छात्र काफी देर तक डांस करते रहे, लेकिन आधी रात के करीब उन्हें सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना और शरीर में ऐंठन की समस्या होने लगी।
समय बीतने के साथ उनकी हालत बिगड़ती गई और तीन लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा। रविवार सुबह एक 28 वर्षीय छात्र ने दम तोड़ दिया, वहीं कुछ घंटों बाद एक 24 वर्षीय छात्रा की भी बॉम्बे हॉस्पिटल में मौत हो गई। 25 वर्षीय एक अन्य छात्रा अभी भी आईसीयू में भर्ती है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया कि उसे उसके ही क्लासमेट ने ‘पीली गोली’ दी थी। उसने बताया कि ग्रुप के अन्य लोगों ने भी वही खाया था। उसने कहा, “हम सब साथ में आए थे, डांस कर रहे थे। आखिरी बार जब मैंने अपनी दोस्त (मृतक) को देखा, वह ठीक थी… इसके बाद मुझे कुछ याद नहीं।”
मुंबई पुलिस ने 13 अप्रैल को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक 25 वर्षीय कॉलेज छात्र शामिल है, जिस पर पीड़ितों को ड्रग्स देने का आरोप है। इसी के साथ इवेंट आयोजक विहान उर्फ आकाश सामल (31) और नेस्को प्रबंधन से जुड़े सनी विनोद जैन (31) व इंटरनल सिक्योरिटी प्रमुख बालकृष्णन कुरुप (46) को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में गिरफ्तार एक अन्य 24 वर्षीय छात्र पर ड्रग सप्लाई का आरोप है। सभी आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है।
जांच में सामने आया कि वेन्यू के अंदर ही एमडीएमए (Ecstasy) जैसी नशीली गोलियां बांटी गई थीं। जबकि कॉन्सर्ट रात 10 बजे तक ही चलाने की अनुमति थी, लेकिन यह आधी रात के बाद तक जारी रहा। बिना परमिट के 25 साल से कम उम्र के युवाओं को भी शराब परोसा गया था।
हादसे के बाद नेस्को प्रबंधन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वे जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आ सके।
एमडीएमए (Methylenedioxymethamphetamine) एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है, जिसे आमतौर पर एक्स्टेसी या मॉली कहा जाता है। यह शरीर में ऊर्जा और उत्साह बढ़ाता है, लेकिन इसके साथ ही यह बेहद खतरनाक भी हो सकता है। इसका ओवरडोज दिल की धड़कन रुकने या अंगों के फेल होने का कारण बन सकता है। यह व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है, संवेदनाओं में बदलाव लाता है और कई मामलों में दिल और दिमाग पर गंभीर असर डाल सकता है।
Updated on:
14 Apr 2026, 12:04 PM IST
Published on:
14 Apr 2026, 12:04 PM IST
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