
Pigeon Food
Mumbai News: कबूतरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कमर कस ली है। कबूतरों को दाना डालने वालों के खिलाफ कई सालों से लोग शिकायत कर रहे है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि अब शहर में कबूतरों को दाना डालने वालों के खिलाफ बीएमसी ने कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके लिए नगर निगम के हर वार्ड में मार्शल गश्त करेंगे। अगर कोई भी व्यक्ति कबूतरों को दाना खिलाता पाया गया तो सीधे कार्रवाई की जाएगी।
कबूतर के मल और पंखों में मौजूद कणों से सबसे ज्यादा प्रभावित सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग होते हैं। अस्थमा से पीड़ित लोगों सबसे अधिक परेशानी होती हैं। इसके अलावा कबूतरों की वजह से उड़ती धूल, खाने की गंदगी, मल की बदबू के कारण इलाके में प्रदूषण काफी हद तक बढ़ जाता है। इस पर संज्ञान लेते हुए बीएमसी अब कबूतरों को दाना डालने वालों पर कार्रवाई करेगी। यह भी पढ़े-Pune: शारीरिक संबंध बनाने से किया मना, तो दरिंदों ने महिला को मार डाला, चेहरा बिगाड़ा
सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व पुलिस अधिकारी एडवोकेट विश्वास कश्यप ने कहा कि पक्षी प्रेमियों और धार्मिक कारणों से कबूतरों को दाना खिलाया जाता है। खाने के लिए अनाज की उपलब्धता के कारण पिछले कुछ वर्षों में मुंबई में कबूतरों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और मरीजों को इससे होने वाले नुकसान पर विचार किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि कबूतरों के मल और पंखों से निकलने वाले घटक सेहत के लिए हानिकारक हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मुंबईकरों की अच्छी सेहत के लिए अब मुंबई नगर निगम के क्लीनअप मार्शल की नजर कबूतरों को दाना डालने वालों पर रहेगी। ऐसे लोगों पर 100 रुपये से 500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
मुंबई के भुलेश्वर, दादर, माहिम, फोर्ट, माटुंगा आदि इलाकों में ‘कबूतर खाना’ कई सालों से हैं। वहां कबूतरों को अनाज खिलाया जाता है। इसके अलावा मुंबई शहर सहित पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में कई जगहों पर कबूतरों को चना, गेहूं, चावल और दाल जैसी चीजें लोग खिलाते है।
Published on:
18 Dec 2023 08:04 pm
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