
Bullet train
महाराष्ट्र में अब हाई स्पीड बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट को जल्द दोगुनी रफ्तार मिल सकता है। केंद्र द्वारा वन विभाग से जुड़ी जमीन पर काम करने की सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र में वन विभाग की 95.85 हेक्टेयर जमीन पर काम करने की इजाजत मिल गई है। यदि वन विभाग की जमीन को छोड़ दें, तो नैशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआरसीएल) के पास महाराष्ट्र में 42 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। ये जमीन करीब 182 हेक्टेयर है।
एनएचआरसीएल के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य की वन्य जमीन को सामान्य जमीन में बदल दिया गया है। अब राज्य सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी किया जाएगा, जिसके बाद ये जमीन एनएचआरसीएल को मिल जाएगी। इस मंजूरी के बाद अब महाराष्ट्र में करीब 278 हेक्टेयर जमीन एनएचआरसीएल को मिल चुकी है, जो लगभग 65 प्रतिशत है। यह भी पढ़ें: Pune News: दो बेटियों को जन्म देने पर पति और रिश्तेदारों ने महिला को पीटा, कई दिनों तक रखा भूखा
एनएचआरसीएल को राज्य में 433.82 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, जिसमें 80 फीसदी जमीन का समझौता हो चुका है। इसमें से 64 फीसदी तो एनएचआरसीएल को मिल चुकी है। महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के आने के बाद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर तेजी से काम हुआ है। उद्धव सरकार के दौरान जमीन अधिग्रहण का काम अटका हुआ था।
मुंबई स्थित बीकेसी में बुलेट ट्रेन के लिए टर्मिनस स्टेशन बनना है। इसकी 4 हेक्टेयर जमीन बनने के बाद अब स्टेशन की डिजाइन और निर्माण के लिए प्रस्ताव की मांग की जा रही हैं। ये बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का एक अंडरग्राउंड स्टेशन होगा। साल 2018 में बीकेसी की 4.2 हेक्टेयर जमीन महाराष्ट्र सरकार द्वारा शर्तों के साथ एनएचआरसीएल को सौंपी गई थी। इस शर्त में प्रमुख रूप से बताया गया कि इस जगह पर इंटरनैशनल फाइनैंस ऐंड सर्विस सेंटर (आईएफएससी) का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, सितंबर के आखिर तक बीकेसी की जमीन एनएचआरसीएल को दे दी जाएगी। इस जमीन पर कोरोना सेंटर बनाया गया था, जिसे हटाने का काम शुरू हो चुका है।
Updated on:
28 Aug 2022 07:25 pm
Published on:
28 Aug 2022 07:24 pm
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