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दया नायक के खबरी की 27 साल बाद हत्या, एनकाउंटर में मारे गए सादिक कालिया के भतीजे ने लिया ‘बदला’

Sadiq Kalia Encounter: करीब 27 साल पहले पुलिस अधिकारी दया नायक ने सादिक कालिया का एनकाउंटर किया था, तब आरोपी सादिक जवार बहुत छोटा था। 78 वर्षीय कथित खबरी पर 20 से ज्यादा बार धारदार हथियार से हमला किया गया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 26, 2026

Daya Nayak Sadiq Kalia Informer Murder

मुंबई में दया नायक के खबरी की बेरहमी से हत्या (Photo: IANS)

मुंबई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शहर की दशकों पुराने अंडरवर्ल्ड गैंगवार की यादें ताजा कर दी हैं। 27 साल पहले हुए एक पुलिस एनकाउंटर का बदला अब लिया गया है। 1999 में मारे गए कुख्यात बदमाश सादिक कालिया के भतीजे ने कथित तौर पर उस शख्स की हत्या कर दी, जिसे उस एनकाउंटर का मुखबिर माना जाता था।

27 साल बाद चुकाया गया ‘खून का हिसाब’

पुलिस के अनुसार, 1999 में सादिक कालिया एक एनकाउंटर में मारा गया था। आरोप है कि इस कार्रवाई में जानकारी देने वाले मुखबिर इकबाल इब्राहिम सेलिया (78) को ही अब निशाना बनाया गया। सादिक कालिया एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की गोली से मारा गया था।  

सादिक कालिया का भतीजा सादिक जवार (29) पिछले कई सालों से उस खबरी की तलाश में था। आखिरकार 27 साल बाद उसने अपने साथी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि 78 वर्षीय सेलिया पर 20 से ज्यादा बार धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घर में घुसकर दिनदहाड़े की हत्या

यह खौफनाक घटना 20 अप्रैल की शाम दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में हुई। उस वक्त सेलिया अपने घर में अकेला था। तभी दो हमलावर अंदर घुसे और उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

जब उनके परिवार के सदस्य घर लौटे, तो उन्होंने सेलिया को खून से लथपथ हालत में पाया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

‘तीसरी आंख’ से बचते हुए नागपुर तक पहुंचे आरोपी

हत्या के बाद आरोपी बेहद शातिर तरीके से फरार हुए। उन्होंने सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि आरोपी एंटॉप हिल, विद्याविहार और कल्याण होते हुए नागपुर पहुंच गए थे।

4 दिन में पुलिस ने दबोचा

नागपाड़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से इस मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों का पता लगाया। सिर्फ 4 दिनों के भीतर पुलिस ने नागपुर में जाल बिछाकर मुख्य आरोपी सादिक जवार (29) और उसके साथी नौशाद मिथानी (22) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रदीप काले ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।

कौन था सादिक कालिया?

सादिक कालिया 1990 के दशक में मुंबई के कालाचौकी इलाके का कुख्यात नाम था। शुरुआत में वह फुटपाथ पर जूते बेचता था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में उतर गया। बताया जाता है कि उसने दाऊद इब्राहिम गैंग को रंगदारी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वह छोटा शकील गैंग में शामिल हो गया।

सादिक कालिया शहर में हुई कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं में शामिल था। नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश के दौरान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने उसे मार गिराया था।

2 साल का था आरोपी सादिक

जब सादिक कालिया एनकाउंटर में मारा गया था, उस समय उसका भतीजा सादिक जवार महज 2 साल का था। इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में पुराने गैंगवार की याद दिला दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे कोई और आपराधिक नेटवर्क या साजिश तो नहीं है।