
शरद पवार ने गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी पर बोला हमला
MVA Halla Bol Protest in Mumbai: महाराष्ट्र विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों-शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ आज मुंबई में ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन मार्च निकाला। पैदल मार्च दोपहर के करीब भायखला स्थित जेजे अस्पताल के पास से शुरू हुआ और दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसएमटी) पर समाप्त हुआ। इस दौरान एमवीए के तमाम नेताओं ने सीएम एकनाथ शिंदे और बीजेपी पर जमकर हमला बोला।
एमवीए के विरोध मार्च में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, नेता विपक्ष अजित पवार, शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत, विधायक आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इस दौरान मुंबई पुलिस ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। यह भी पढ़े-मुंबई के घाटकोपर में जूनो पिज्जा रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 1 की मौत, कई की हालत गंभीर
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के पास विरोध मार्च के समाप्त होने के स्थान पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, "सरकार में जो लोग महाराष्ट्र का अपमान करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 350 साल बाद भी हर कोई शिवाजी महाराज का नाम जानता है। उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
पवार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर हमला बोलते हुए कहा, आज लोग शांत हैं। लेकिन अगर उन्हें पद से समय पर नहीं हटाया गया तो महाराष्ट्र सड़कों पर उतरे बिना नहीं रहेगा। महात्मा ज्योतिराव फुले, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर, कर्मवीर भाऊराव पाटिल हमारे आदर्श हैं। लेकिन उनके बारे में बोलने वाला गैरजिम्मेदार शख्स नहीं देखा। मैंने कई राज्यपाल देखे। लेकिन इस बार ऐसा व्यक्ति राज्यपाल बनकर आया है, जो सावित्रीबाई फुले, महात्मा फुले के खिलाफ विवादित बयान दे रहा है. उन्हें शर्म आनी चाहिए। यह भी पढ़े-मुंबई में MVA का ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन, 317 पुलिस अधिकारी, SRPF के 22 प्लाटून और 30 दंगा नियंत्रण स्क्वाड तैनात
'हल्ला बोल' प्रदर्शन में बोलते हुए, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर वैचारिक रूप से दिवालिया होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा “हम महाराष्ट्र के गौरव से समझौता नहीं करेंगे। और जो इसके लिए कोशिश करेंगा, हम उन्हें घुटनों पर ला देंगे। यह बालासाहेब ठाकरे की सच्ची शिवसेना है।
पूर्व सीएम ने कहा, “जो 50 खोखे (शिंदे गुट के नेता) खुद को बालासाहेब ठाकरे के सच्चे शिवसैनिक कहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए।” उन्होंने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा मुद्दे पर कहा, “संयुक्त महाराष्ट्र अभी तक हासिल नहीं हुआ है। कारवार (Karvar), निपन्नी (Nipanni), बेलगाम (Belgaum) संयुक्त महाराष्ट्र में नहीं हैं और जब तक हम उन्हें प्राप्त नहीं कर लेते, हम चैन से नहीं बैठेंगे।“
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने भी राज्यपाल कोश्यारी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने राज्यपाल को 'महाराष्ट्र द्रोही' बताते हुए कहा, "यह मोर्चा महाराष्ट्र द्रोही को उनकी जगह दिखाने के लिए आयोजित किया गया है, जो अभी महाराष्ट्र में मौजूद हैं। वह हमारे ऐतिहासिक नेताओं का अपमान कर रहे हैं, हमारे राज्य का अपमान कर रहे हैं, जो कि हमारा गौरव है।"
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ढाई वर्षों के हमारे कार्यकाल में महाराष्ट्र का कोई गांव कर्नाटक या गुजरात या मध्य प्रदेश में जाने की मांग नहीं कर रहा था। अब ऐसा क्यों हुआ है।?”
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने राज्यपाल कोश्यारी और बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटील पर हमला बोलते हुए राज्य के महापुरुषों का अपमान करने का आरोप लगाया. उन्होंने बीजेपी पर महाराष्ट्र को विभाजित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
Published on:
17 Dec 2022 05:23 pm
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