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MVA में सीट बंटवारे पर घमासान? अजित पवार बोले- कांग्रेस ने जीती 44 सीटें NCP ने 54, हम हैं बिग ब्रदर

Ajit Pawar: अजित पवार ने एनसीपी कार्यकर्ताओं से कहा "अगर आपके पास पॉवर है, तो हमारा महत्व महाविकास अघाडी में अधिक होगा। पहले कांग्रेस के पास अधिक सीटें थीं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 21, 2023

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नाना पटोले और अजित पवार

Ajit Pawar on MVA Seat Sharing: महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (एमवीए) के बीच सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले को लेकर खींचतान की खबर आ रही है। हाल ही में कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एमवीए भागीदारों के बीच सीटों का बंटवारा चुनावी योग्यता के आधार पर तय किया जाएगा। जबकि शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि फिलहाल अभी सीटों के बंटवारे का कोई फॉर्मूला तय नहीं हुआ है। अभी बातचीत प्रारंभिक चरण में है। इस बीच, एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने बड़ा बयान दिया है।

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने शनिवार को कहा कि एमवीए में एनसीपी अब बड़े भाई (Big Brother) की तरह है, क्योंकि उनके पास 54 सीटें है और कांग्रेस के पास 44 सीटें है। सीटों के बंटवारे को लेकर एमवीए दलों में चल रही बातचीत के बीच छोटे पवार की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह भी पढ़े-त्र्यंबकेश्वर विवाद में राज ठाकरे की एंट्री, कहा- इतना कमजोर नहीं है हिंदू धर्म, कायम रहे परंपरा

कोल्हापुर (Kolhapur News) में एनसीपी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा "अगर आपके पास पॉवर है, तो हमारा महत्व महाविकास अघाडी में अधिक होगा। पहले कांग्रेस के पास अधिक सीटें थीं, इसलिए हमें बातचीत के दौरान छोटे भाई की भूमिका निभानी पड़ती थी। लेकिन अब स्थिति अलग है। हम बड़े भाई बन गए हैं। क्योकि कांग्रेस के पास 44 सीटें हैं, जबकि हमारे पास (NCP) 54 हैं।"

धैर्यप्रसाद हॉल (Dhairyaprasad Hall) में बोलते हुए पवार ने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा, "कर्नाटक चुनाव के विश्लेषण से पता चलता है कि जनता दल सेक्युलर (JDS) के वोट कम हुए हैं। जबकि बीजेपी के वोट लगभग पहले जैसे ही है। बदलाव यह हुआ कि जेडीएस के वोट कांग्रेस को गए और वे जीत गए।"

इस दौरान अजित पवार ने एमवीए सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत कार्यों को रोकने और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के लिए शिंदे-बीजेपी सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "सत्ता स्थायी नहीं है। जैसे कर्नाटक की जनता ने किया वैसे ही यहां होगा। यहां तक कि अजित पवार भी ताम्रपत्र लेकर नहीं आए हैं।"

मालूम हो कि देश में आगामी लोकसभा चुनाव अगले साल अप्रैल या मई महीने में होने की उम्मीद है। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अगले साल अक्तूबर-नवंबर में होने की संभावना है।