
AI द्वारा बना पीड़िता का प्रतीकात्मक फोटो
Intercaste Marriage Harassment Nashik:महाराष्ट्र के नासिक से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां प्रेम विवाह कर सुखी संसार का सपना देखने वाली एक विवाहित महिला को उसकी 'जाति' के कारण न सिर्फ नरक जैसी यातनाएं दी गईं, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसे जबरन 8 बार गर्भपात (Abortion) कराने के लिए मजबूर किया गया। पीड़िता की शिकायत पर नासिक के म्हसरुल थाना पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने अपनी पसंद के युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का असली रंग सामने आने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उसकी सास उसे लगातार ताने मारती थी कि 'तुम हमारी जाति की नहीं हो, हम तुम्हारी कोख से जन्मे बच्चों को इस घर और समाज में कभी स्वीकार नहीं करेंगे।' इसके बाद ससुराल वालों ने महिला पर गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। महिला की मर्जी के खिलाफ, उसे शारीरिक और मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसे आठ बार अपना गर्भ गिरवाना पड़ा।
विवाहित महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उसका उत्पीड़न सिर्फ गर्भपात तक ही सीमित नहीं रहा। आरोप है कि उसकी सास और ससुर ने उसके साथ बार-बार घिनौनी हरकतें कीं और उसका गंभीर रूप से यौन शोषण भी किया। जब पीड़िता ने इसका विरोध करना चाहा, तो उसे लगातार यह खौफनाक धमकी दी जाती थी कि उसे समाज और डॉक्टरों के सामने 'पागल' साबित कर दिया जाएगा और जबरन मानसिक अस्पताल (Mental Hospital) में भर्ती करवा दिया जाएगा। पीड़िता और उसका पति पहले काम के सिलसिले में पुणे में रहते थे, लेकिन जुलाई 2025 में नासिक लौटने के बाद महिला पर अत्याचार और ज्यादा बढ़ गए।
शारीरिक और मानसिक क्रूरता के साथ-साथ पीड़िता को आर्थिक रूप से भी पूरी तरह कंगाल कर दिया गया। नासिक में नया घर खरीदने का झांसा देकर उसके पति ने महिला के सारे सोने-चांदी के कीमती गहने ले लिए और उन्हें बेच दिया। इसके बावजूद ससुराल वालों का लालच कम नहीं हुआ और वे लगातार महिला पर अपने मायके से और ज्यादा पैसे व दहेज लाने का दबाव बनाने लगे। अंतरजातीय विवाह (Inter-caste Marriage) होने के कारण उसे घर में कभी भी सम्मान से जीने का हक नहीं दिया गया।
ससुराल वालों के अमानवीय और असहनीय अत्याचारों से तंग आकर पीड़िता ने आखिरकार न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। म्हसरुल थाना पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन नामजद आरोपियों के
विजय दशरथ महाजन (पति), दशरथ तुकाराम महाजन (ससुर) और दशरथ तुकाराम महाजन (ससुर) खिलाफ केस दर्ज किया है।
आपको बता दें कि इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद से नासिक और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच भारी आक्रोश है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
Published on:
21 May 2026 12:34 pm
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