9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नासिक की टेक कंपनी में हुआ ‘कॉर्पोरेट जिहाद’- मंत्री नितेश राणे का आरोप, SIT को सौंपी गई जांच

Nashik BPO Sexual Harassment Case: नासिक के एक नामी कंपनी से परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Apr 09, 2026

Nashik MNC Sexual Harassment

नासिक यौन शोषण मामले पर नितेश राणे का बड़ा आरोप (Photo: X/@NiteshNRane)

महाराष्ट्र के नासिक में एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी के बीपीओ (BPO) सेंटर में महिला कर्मचारियों के मानसिक और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पीड़िताओं के टीम लीडर बताये जा रहे हैं। इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने इस पूरी घटना को ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ करार देते हुए इसे एक गंभीर सामाजिक खतरा बताया है।

सालों से चल रहा था शोषण का खेल

नासिक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी की बीपीओ सर्विस से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अपनी ही कंपनी में काम करने वाली जूनियर महिला कर्मचारियों का यौन शोषण करने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी महिला को छेड़छाड़ या यौन उत्पीड़न के बारे में कोई शिकायत है तो संपर्क करें, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

9 FIR दर्ज, SIT गठित

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घिनौना खेल पिछले कई वर्षों से चल रहा था। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लिया और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। इस संबंध में कुल नौ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्देश दिया है। एसआईटी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस शोषण के जाल में कितनी और महिलाएं फंसी हैं। उधर, इस मामले ने पूरे राज्य में सियासी हलचल बढ़ा दी है।

नितेश राणे का दावा- 15 लड़कियों के साथ हुआ अत्याचार

भाजपा नेता व मंत्री नितेश राणे ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के प्रबंधन और एचआर (HR) विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। राणे ने दावा किया कि अब तक लगभग 15 पीड़ित लड़कियां सामने आ चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने लंबे समय से ऑफिस के भीतर इतनी गंभीर गतिविधियां चल रही थीं, तो कंपनी के एचआर विभाग ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया?

उन्होंने अन्य पीड़ितों से भी निडर होकर आगे आने की अपील की और सरकार की ओर से पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया।

कोर्ट के बाहर भीड़ किसकी थी? आतंकियों से की तुलना

राणे ने कहा, जब इन 6 आरोपियों को बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, तब वहां 500 से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। इतनी बड़ी संख्या में लोग किसके समर्थन में आए थे? इनका बैकग्राउंड चेक होना चाहिए। यह एक खतरनाक संकेत है। इसके बाद राणे ने विवादित बयान देते हुए भीड़ की तुलना आतंकियों के जनाजे में जुटने वाली भीड़ से कर दी।

हिंदुओं ने नहीं किया अशोक खरात का समर्थन- राणे

नितेश राणे ने इस दौरान नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अशोक खरात के कुकर्म सामने आए थे, तब किसी भी हिंदू संगठन या व्यक्ति ने उसका समर्थन नहीं किया था। लेकिन इस मामले में एक विशेष विचारधारा के आरोपियों के लिए इतनी भीड़ जुटना सोचने वाली बात है।