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महाराष्ट्र: NEET परीक्षा के तनाव में छात्रा ने दी जान, पिता बोले- मुझे किसी से शिकायत नहीं

NEET Exam Suicide Case: मृतका छात्रा मैथिली के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने इस साल 12वीं की परीक्षा पास की थी। उसका बचपन से ही डॉक्टर बनने का बड़ा सपना था, जिसे पूरा करने के लिए वह नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। इसके साथ ही उसने सीईटी (CET) की परीक्षा भी दी थी।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 25 May 2026, 10:53 AM IST

NEET student suicide case maharashtra

नीट परीक्षा के तनाव और धांधली के सदमे में छात्रा ने दी जान (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र के लातूर जिले से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। लातूर तालुका के गोंदेगांव में रहने वाली एक छात्रा ने कथित तौर पर नीट परीक्षा के तनाव में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिवार का दावा है कि छात्रा डॉक्टर बनना चाहती थी और लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी।

मृतक छात्रा का नाम मैथिली सोनवणे बताया जा रहा है। उसके पिता अशोक सोनवणे ने गातेगांव पुलिस स्टेशन में बयान दर्ज कराया है। उनके अनुसार, मैथिली ने इस वर्ष बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 51.50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। वह डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसके साथ ही उसने महाराष्ट्र सीईटी परीक्षा भी दी थी।

पिता के मुताबिक, नीट पेपर लीक की खबर और फिर परीक्षा रद्द होने के बाद से मैथिली मानसिक तनाव में रहने लगी थी। वह बार-बार कहती थी कि उसकी तैयारी अच्छी हुई थी और पेपर भी अच्छा गया था, लेकिन अब आगे क्या होगा, इसे लेकर वह लगातार चिंता में थी।

खेत में पेड़ से लटका मिला शव

परिजनों ने पुलिस को बताया कि 16 मई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे मैथिली घर में जब दिखाई नहीं दी तो उसकी तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद मैथिली का शव घर के पास ही स्थित एक खेत में नींबू के पेड़ से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका हुआ मिला। बदहवास परिवार ने तुरंत उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए मुरुड के सरकारी अस्पताल लेकर भागे। हालांकि, वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैथिली का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव गोंदेगाव में कर दिया गया।

पिता के बयान से पुलिस भी हैरान

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पिता अशोक सोनवणे ने अपने बयान में साफ किया है कि उन्हें अपनी बेटी की मौत को लेकर किसी पर भी कोई शक या शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मानसिक तनाव में थी और इसी कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पिता के इस बयान के बाद भी पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

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