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नासिक TCS कथित धर्मांतरण केस: कोर्ट में सामने आई गर्भावस्था की बात, फिर बदल गया पूरा मामला; आरोपी निदा खान को मिली जमानत

Maharashtra Conversion Case: महाराष्ट्र के चर्चित TCS कथित अवैध धर्मांतरण केस में बड़ा मोड़ आया है। मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को नासिक कोर्ट से जमानत मिल गई है। गर्भावस्था, चार्जशीट दाखिल होने और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड न होने की दलील के बाद अदालत ने राहत दी। हालांकि, मामले की जांच अभी भी जारी है।
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मुंबई

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Imran Sheikh

Jul 06, 2026

Nida Khan

TCS कथित अवैध धर्मांतरण केस में निदा खान को नासिक कोर्ट से जमानत मिल गई है।

TCS Conversion Case: महाराष्ट्र के चर्चित TCS कथित अवैध धर्मांतरण केस में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को नासिक की अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट का यह फैसला केस में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इसके पीछे जो वजह सामने आई है, उसने पूरे मामले को एक अलग ही दिशा दे दी है।

अदालत में वो दलील, जिसने बदल दिया पूरा खेल

कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब मामले पर बहस चल रही थी, तो हर किसी की नजर इसी पर थी कि क्या आरोपी को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा या राहत मिलेगी। इसी दौरान बचाव पक्ष के वकील ने एक ऐसी बात रखी जिसने माहौल बदल दिया। वकील ने कोर्ट को बताया कि निदा खान इस समय गर्भवती हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी महिला को जेल में रखना ठीक नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह सीधे तौर पर उसकी सेहत और आने वाले बच्चे की स्थिति से जुड़ा मामला है।

आरोपी कोई आदतन अपराधी नहीं

वकील ने आगे यह भी दलील दी कि निदा खान कोई आदतन अपराधी नहीं हैं और उनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। साथ ही उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले की जांच पहले ही पूरी कर चुकी है और चार्जशीट भी अदालत में दाखिल हो चुकी है। ऐसे में अब उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत कम हो जाती है और वह जांच को प्रभावित भी नहीं कर सकतीं।

दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से समझा और आखिर में जमानत देने का फैसला सुनाया। कोर्ट का यह आदेश केस में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, क्योंकि अब आरोपी को जेल से राहत मिल गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जमानत पर ही चलेगी।

पूरे मामले पर गौर करें तो निदा खान का नाम सामने आने के बाद वह काफी समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रही थीं। पुलिस ने उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की थी और कई जगहों पर दबिश भी दी गई थी। बाद में इसी साल मई महीने में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थीं और जेल में बंद थीं।

जांच अभी भी खत्म नहीं हुई है

पुलिस की जांच में इस मामले में कई लोगों के नाम सामने आए हैं और अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ भी हो चुकी है। जांच एजेंसियों के पास मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जैसे कई अहम डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। डिजिटल सबूतों को आपस में जोड़ने और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को समझने का काम अभी भी जारी है।