
टीम के साथ चर्चा करते हुए। फोटो- आईएएनएस
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चेतावनी दी कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बहुत तेज रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने नासिक में बादल फटने की संभावना के बारे में भी चेतावनी जारी की। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुमान के मुताबिक, इस इलाके में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है और आज हवा की रफ्तार लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र के कई इलाके लगातार हो रही भारी बारिश से जूझ रहे हैं, जिसके कारण कई जिलों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है।
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मुंबई में लगातार पांचवें दिन भी भारी बारिश हो रही है। आईएमडी ने पहले शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था, लेकिन हालात के तेजी से बिगड़ने के बाद सोमवार को मौसम विभाग ने इसे ‘रेड अलर्ट’ में बदल दिया। आईएमडी ने मुंबई के अलावा पुणे, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों के लिए भी ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के साथ मौजूद मुख्यमंत्री फडणवीस ने मॉनसून के कहर की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों को बताया कि आईएमडी ने इस अचानक तेजी के सही कारण का पता लगा लिया है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे डिप्रेशन में बदल गया है, चूंकि इस सिस्टम का मुख्य असर कोंकण तट पर पड़ रहा है, इसलिए इस इलाके में तेज हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि मुंबई के तट पर हाई टाइड (समुद्र में ऊंची लहरें) आने वाली हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हाई टाइड के समय भारी बारिश जारी रहती है, तो शहर के निचले इलाकों में भारी जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ आने की पूरी आशंका है।
उनके मुताबिक, कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है। इससे बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ने और टहनियां गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मैं नागरिकों से अपील करता हूं कि जब तक बहुत जरूरी न हो, यात्रा करने से बचें। साथ ही मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि इस खतरनाक समय में घूमने-फिरने के लिए झरनों या ट्रैकिंग वाली जगहों पर न जाएं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने चेतावनी दी कि देर रात तक तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिससे पेड़ गिर सकते हैं। मानखुर्द में हुई उस दुखद घटना के बाद, जहां एक झुग्गी बस्ती में ढांचा ढहने से छह लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।”
उन्होंने नागरिकों से गिरते पेड़ों और अचानक आने वाले खतरों को लेकर सावधान रहने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई में पिछले चार दिनों में ही महीने के औसत के बराबर बारिश हुई है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और उन्होंने आपदा प्रबंधन सेल, जिला कलेक्टरों और डिविजनल प्रशासन की ओर से लागू किए गए बचाव और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने नासिक में बादल फटने की संभावना को लेकर एक अहम चेतावनी भी जारी की है। आईएमडी ने मंगलवार को मुख्य रूप से बादल फटने के कारण नासिक में 300 मिमी बारिश का अनुमान लगाया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। सीएम ने कहा, इसके जवाब में प्रशासन ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है। बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नासिक शहर, पूरे जिले और ग्रामीण इलाकों में व्यापक उपाय किए गए हैं। महाराष्ट्र में यह हाई अलर्ट की स्थिति 8 जुलाई तक बनी रहेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में हुई भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर पालघर जिले पर पड़ा है। निचले इलाकों में पानी भरने की वजह से गुजरात से आने वाली ट्रेनों को रोकना पड़ा है। अहमदाबाद-मुंबई हाईवे, जो अभी बन रहा है, वहां भी पानी जमा होने की खबर है।
भारी बारिश की वजह से रायगढ़ में जन-जीवन ठप हो गया है, जबकि महाबलेश्वर और लोनावला में बारिश का स्तर उनके मौसमी औसत से कहीं ज्यादा दर्ज किया गया है। सावित्री नदी और चार अन्य प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने तुरंत बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।खराब मौसम के कारण ट्रांसपोर्ट के अहम रास्तों पर कई जगह ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। मुंबई-गोवा हाईवे पर काशेड़ी घाट में जमीन खिसकने की एक बड़ी घटना हुई, जिससे ट्रैफिक रुक गया। अभी मलबा हटाने का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाईवे पर आठ अलग-अलग जगहों पर जमीन खिसकने की अभूतपूर्व घटनाएं हुई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी टीमें लगभग 100 टन मलबा हटाने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। भूस्खलन उन जगहों पर हुआ है जहां पहले कभी ऐसी घटनाएं नहीं हुई थीं। फिलहाल पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन चालू रखी गई हैं और मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
Updated on:
06 Jul 2026 08:12 pm
Published on:
06 Jul 2026 08:12 pm
