
फेक ट्वीट्स के जाल में उलझीं रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई. संशोधित नागरिकता कानून(CAA) और एनआरसी(NRC) के खिलाफ देशभर में मचे बवाल के बीच बढ़ती अफवाहों ने भी सरकार, पुलिस और समूचे तंत्र की नाक में दम कर रखा है। ऊपर से सोशल मीडियाके जरिए अनधिकृत रुप से वायरल हो रही सूचनाओं ने भी आग में घी का काम किया है। विरोध प्रदर्शनों में हिंसा भड़काने का काम कई तरह के फेक मैसेजेज़ (Fake News) ने ही किया है, जिनका कोई आधार नहीं है।
इसी की चपेट में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के प्रमुख मुकेश अंबानीकी पत्नी और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी(Nita Ambani) भी आ गईं। उनके नाम से कई ट्वीट्स ऐसे वायरल कर दिए गए, जिनसे गंभीर सवाल खड़े हो गए। हालांकि ये सारे ट्वीट्स फेक (Tweets) हैं और रिलायंस समूहने इन पर सफाई देने के साथ ही सभी फेक अकाउंट्स को निलंबित (Suspend) करवा दिए हैं।
रिलायंस की तरफ से बताया गया कि नीता अंबानी का अपना कोई ट्विटर अकाउंट नहीं हैं और उनकी शिकायत पर ट्विटर ने सभी फेक अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है। दरअसल किसी शरारती तत्त्व ने मौके का फायदा उठा कर नीता अंबानी के नाम से @NitaAmbaani फर्जी ट्विटर अकाउंट बना लिया। इसमें नागरिकता संशोधन विधेयक और दूसरे मुद्दों पर ट्वीट किए गए । रिलायंस जियो इंफोकॉम ने इस हरकत की कड़ी निंदा भी की है।
रिलायंस जियो इंफोकॉम के प्रवक्ता ने कहा कि नीता अंबानी का कोई आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। उनके नाम या फोटो वाले सभी ट्विटर अकाउंट फर्जी हैं। आपसे निवेदन है कि फेक ट्विटर हैंडल से फैलाए जा रहे इन ट्वीट पर गौर नहीं करें। इस कथित ट्विटर अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है। इस अकाउंट के जरिए कई ट्वीट किए गए। ट्विट सामने आने पर ट्विटर पर कई लोगों ने भी इस अकाउंट को फेक बताकर ट्विटर से कार्रवाई की मांग की है।
Updated on:
21 Dec 2019 05:48 pm
Published on:
21 Dec 2019 05:48 pm
