
रोहित पवार और सीएम देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
Nitesh Rane on Rohit Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा (BJP) नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार को फिर भाजपा में आने का ऑफर दिया। उन्होंने दावा किया कि मुश्किल समय में रोहित पवार की मदद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ही की थी। वह उनका सियासी भविष्य बना सकते हैं
नितेश राणे ने कहा, “सारे रास्ते देवाभाऊ की तरफ जाते हैं, यह बात मैं रोहित पवार को पहले ही बता रहा था। न उनके दादा आए और न राहुल गांधी उनकी मदद के लिए दौड़े। आखिरकार, मुश्किल समय में देवाभाऊ ने ही उन्हें बाहर निकाला।” राणे ने आगे कहा कि यदि रोहित पवार ने उनकी बात मान ली होती, तो उनका राजनीतिक वजन कम नहीं होता।
राणे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में रोहित पवार के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, रोहित पवार पहले भी भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को खारिज कर चुके हैं।
नितेश राणे ने रोहित पवार को लेकर तंज कसते हुए कहा, “रोहित पवार का भविष्य कौन बना सकता है? एक देवाभाऊ, दो देवाभाऊ और तीसरे भी देवाभाऊ।” उन्होंने पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) से जुड़े आंदोलन का जिक्र करते हुए भी रोहित पवार पर टिप्पणी की। राणे ने दावा किया कि रोहित पवार की हालिया राजनीतिक गतिविधियों और उनके पक्ष में बने माहौल के पीछे भी सीएम फडणवीस की भूमिका रही है।
राणे ने यह भी कहा कि रोहित पवार अगर उनकी बात मान लिए होते तो आज उनकी राजनितिक स्थिति अलग होती। उन्होंने दावा किया कि रोहित पवार को भाजपा में प्रवेश की तारीख तक पता है और उन्होंने इसके लिए दो कोट भी सिलवा रखे हैं। सिर्फ मामला मंत्री बनने पर विभाग को लेकर फंसा है।
इससे पहले राणे ने कहा था कि शरद गुट के नेता रोहित पवार उनके मित्र हैं और भविष्य में सरकार में उनके साथ मंत्री बनकर काम कर सकते हैं।
कर्जत निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रोहित पवार ने इससे पहले भी भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें भाजपा में जाना होता, तो वह पहले ही पार्टी में शामिल हो गए होते। उन्हें भाजपा में शामिल होने और मंत्री बनने का ऑफर मिला था।
उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने दो बार भाजपा में शामिल होने के प्रस्ताव ठुकराए। पहला मौका अजित पवार के अलग होने के बाद आया था, जबकि दूसरा 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद मिला था।
रोहित पवार ने कहा था कि भाजपा की विचारधारा आम लोगों के हितों से मेल नहीं खाती, उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।
भाजपा नेता नितेश राणे का बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के संभावित दल-बदल को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं। रोहित पवार शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक हैं और पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाते हैं।
राणे के बयान से रोहित पवार के भाजपा में जाने की अटकलों को फिर हवा जरूर मिली है, लेकिन अभी तक उनके इस तरह का कोई कदम उठाने की पुष्टि नहीं हुई है। बल्कि रोहित पवार का पहले दिया गया बयान खुद इन दावों के विपरीत है।
Updated on:
12 Oct 2026 04:32 pm
Published on:
12 Oct 2026 04:27 pm
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