
Maha ITI News: अब आईटीआई छात्रों को इस वजह से मिलेगी बड़ी राहत, इतने मार्गदर्शन केंद्र हुए स्थानांतरित ?
मुंबई. राज्य में जिला कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए रोजगार उपलब्ध होना चाहिए, इसके लिए आईटीआई के छात्रों को मार्गदर्शन केंद्र के दौर से गुजरने के लिए अब छुटकारा मिलेगा। इसी तर्ज पर मार्गदर्शन केंद्र में पंजीकरण, परामर्श, मूल्यांकन परीक्षण आदि जैसी उपलब्ध होने वाली सुविधाएं अब छात्रों को आईटीआई में दी जाएंगी। आईटीआई में प्रशिक्षित होने वाले छात्रों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए जिला कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र में दाखिला लेना होता है। नामांकन के बाद, छात्रों को व्यवसाय परामर्श, मूल्यांकन परीक्षणों के साथ-साथ रोजगार मेलों में भाग लेने के लिए जिला कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र के लिए बार बार लोगों को चक्कर काटने पड़ते हैं। दरअसल जिले के कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र आईटीआई संस्थानों से बहुत दूर होते हैं, जिसके चलते छात्रों को अनायास यात्रा और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। वहीं जिले के अधिकांश कौशल विकास, राज्य में रोजगार और उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र किराए के स्थान पर हैं, इसलिए सरकार को बड़ी मात्रा में किराए का भुगतान भी करना पड़ता है।
रोजगार मेले में स्वतः भाग ले सकेंगे अभ्यर्थी...
इसलिए व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशालय ने राज्य के सभी मार्गदर्शक केंद्रों को सरकारी आईटीआई और सरकारी तकनीकी स्कूलों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इसलिए 1 जनवरी से राज्य के 13 मार्गदर्शन केंद्रों में से 11 को सरकारी आईटीआई और सरकारी तकनीकी स्कूलों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इससे अब सरकार की वह राशि बचेगी, जो अनायास ही किराये के तौर पर चुकानी पड़ती है। साथ ही संभव है इन केंद्रों में उम्मीदवार स्व-मूल्यांकन परीक्षण करने और अपनी सुविधानुसार केंद्रों का दौरा करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा वे उम्मीदवार नियमानुसार केंद्र की ओर से आयोजित रोजगार मेलों में आसानी से भाग ले सकते हैं।
एक छत के नीचे रोकगार...
मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सोलापुर, नासिक, जलगांव, लातूर, परभणी, अमरावती, यवतमाल के 11 जिलों में कौशल्य विकास, रोजगार व उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्रों को आईटीआई और सरकारी तकनीकी स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं केंद्रों के लिए भुगतान करने और एक छत के नीचे छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पैसे बचाने का फैसला किया।
- दीपेंद्र सिंह कुशवाहा, निदेशक, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशालय
Published on:
14 Jan 2020 11:17 pm
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