
Maha Decision News: अब कमाठीपुरा भी होगा गुलजार, नजर आएंगी आलीशान इमारतें
मुंबई. गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने मंगलवार को मुंबई स्थित कमाठीपुरा की इमारतों के एक समूह के पुनर्विकास आ आदेश देते हुए कहा कि तत्काल प्रस्ताव से सर्वेक्षण जल्द शुरू किया जाना चाहिए। वहीं म्हाडा रिपेयर बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के बांद्रा पूर्व स्थित मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आव्हाड ने आगे कहा कि कमाठीपुरा में करीब 40 एकड़ भूमि पर स्थित एक हजार इमारतों में से 100 इमारतें और चॉल सौ साल पुरानी है, जबकि वे बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। कम से कम 50 से 180 वर्ग फुट में रहने को मजबूर लोगों को खतरनाक स्थिति में रहना पड़ता है। इसलिए म्हाडा रिपेयर बोर्ड और सैफी- बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (एसबीयूटी) मिलकर कमाठीपुरा के एक समूह के पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार करेंगे। वहीं इस मौके पर आवास राज्य मंत्री, श्री। सतेज पाटिल, म्हाड के उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर, मुंबई रिपेयर बोर्ड के मुख्य अधिकारी सतीश लोखंडे के साथ म्हाडा के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आठ दिनों में तैयार हो रिपोर्ट : आव्हाड
इस बैठक कहा गया कि 1979 के बाद की इमारतों के किरायेदारों और निवासियों को उनके पुनर्विकास को लेकर चर्चा के लिए आगे आने की जरूरत है। फिर उपकर प्राप्त इमारतों के पुनर्विकास के बाद प्राप्त हुए सर प्लस एरिया के वितरण के बारे में जल्द ही एक निश्चित नीति की घोषणा की जाएगी। वहीं जल्द ही वास्तुकारों के साथ एक बैठक में मुंबई की पुरानी बस्तियों के म्हाडा में पुनर्विकास के लिए एक प्रस्ताव बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यान्वयन को कुशलता से लागू करने की आवश्यकता को लेकर मंत्री ने म्हाडा अधिकारियों को एक सम्पूर्ण रिपोर्ट देने के लिए आठ दिन का समय दिया है।
वैश्विक स्तर पर निविदाएं...
वहीं घरों की मांग और पुनर्विकास की धीमी गति को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने बैठक में कहा कि नाशिक, पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, अमरावती जैसे मुख्य शहरों में विकास को लेकर सरकारी जमीन की जानकारी ली जाए, जिसमें म्हाडा की ओर से घरों का निर्माण किया जा जाएगा, जबकि इसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भी भेजा जाना चाहिए। महाराष्ट्र में तालुकाओं के स्थान छोटे 300-400 वर्ग फुट आकार के हैं, जबकि सरकार का इरादा लोगों को किफायती आवास देने का है। इमारत नागरिकों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने में लिए प्री-फैब तकनीक पर जोर देते हुए आव्हाड ने अधिकारियों को वैश्विक स्तर पर निविदाओं के लिए आवेदन को लेकर निर्देश दिया। वहीं म्हाडा के संक्रमण शिविर के 'ए', 'बी' और 'सी' श्रेणी के किरायेदारों की पात्रता निर्धारित करने के लिए एक बायोमेट्रिक सर्वेक्षण आयोजित करने को भी संबंधित अधिकारी के निर्देशित किया गया।
Published on:
12 Feb 2020 05:50 pm
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