
महाराष्ट्र में प्याज किसानों को हो रहा बड़ा नुकसान
Onion Export Duty: त्योहारी सीजन से पहले देश में टमाटर जैसे कहीं प्याज के दाम आसमान पर नहीं पहुंच जाये, इसलिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात (Export Duty On Onion) को कम करने के मकसद से 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाने का निर्णय किया। इससे महाराष्ट्र में प्याज का उत्पादन करने वाले किसान और व्यापारी नाखुश हो गए।
प्याज के मुद्दे पर महाराष्ट्र में सियासी माहौल भी खूब गरमाया। लेकिन निर्यात शुल्क विवाद का सीधा असर प्याज व्यापारियों पर पड़ा है। खबर है कि केंद्र सरकार द्वारा 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाने से पहले से प्याज खरीद चुके किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह भी पढ़े-प्याज पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, CM शिंदे बोले- शरद पवार भी थे कृषि मंत्री, तब क्यों नहीं लिया फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारी कह रहे है कि वह पहले से ख़रीदे प्याज पर निर्यात शुल्क का भुगतान नहीं कर सकते हैं। इसलिए निर्यात के लिए विदेश भेजा जाने वाला 800 टन प्याज जेएनपीए बंदरगाह परिसर में ही सड़ गया है। इससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
अगस्त के पहले हफ्ते में आई रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि अगस्त के अंत तक प्याज की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी होगी। जिसके मद्देनजर केंद्र ने प्याज पर 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाने का फैसला किया। सरकार ने घरेलू प्याज आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया है। लेकिन निर्यात शुल्क बढ़ाने के फैसले से किसानों में नाराजगी हैं। जिसके चलते केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि 2,410 रुपये क्विंटल के भाव पर 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदेगी। इस घोषणा के बाद कुछ मंडियों में विशेष खरीद केंद्र खोले गए है।
मालूम हो की यह पहला बार है जब सरकार ने प्याज पर निर्यात शुल्क लगाया है। अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 4 अगस्त के बीच देश से 9.75 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया। भारतीय प्याज सबसे ज्यादा बांग्लादेश, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात में निर्यात होती हैं। जिससे किसानों, प्याज व्यापारियों को बढ़िया मुनाफा मिल जाता है।
Published on:
29 Aug 2023 07:12 pm
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