
महाराष्ट्र के किसानों को राहत, केंद्र सरकार खरीदेगी दो लाख मीट्रिक टन प्याज
Maharashtra Onion Farmers: प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगाने (Export Duty On Onion) के फैसले का महाराष्ट्र के किसान कड़ा विरोध कर रहे हैं। केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में नासिक जिले की दर्जनभर से अधिक बाजार समितियों ने सोमवार को प्याज की नीलामी बंद कर दी। इसके साथ ही धुले जिले में भी नीलामी अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई। इससे करोड़ों रुपये का प्याज कारोबार ठप हो गया। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने समाधान ढूंढने की पहल शुरू की और अब राज्य के प्याज किसानों के लिए अच्छी खबर है।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने आज इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। मुंडे ने ट्वीट कर बताया, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज प्याज के मुद्दे पर मुलाकात की और विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि केंद्र सरकार नाफेड (NAFED) के जरिए 2410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से महाराष्ट्र से दो लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदेगी। उन्हें राज्य के प्याज उत्पादकों के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में बेबस हुआ किसान... 3500 किलो प्याज बेचने पर नहीं मिला 1 भी रुपया, उल्टा व्यापारी ने मांगे 1800 रुपये
वहीँ, जापान दौरे पर गए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "आज मेरी जापान से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से टेलीफोन पर बातचीत हुई। केंद्र ने 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने का फैसला किया है। केंद्र ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र के प्याज उत्पादकों के हित के लिए नासिक और अहमदनगर में विशेष खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर प्याज खरीदी जाएगी, यह हमारे राज्य के प्याज उत्पादकों के लिए बड़ी राहत होगी।"
किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं- पीयूष गोयल
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "भारत सरकार किसान हितैषी है। हम सभी जानते हैं कि पिछले कुछ दिनों में भारत सरकार के आदेश पर NAFED और NCCF ने नासिक, लासलगांव, अहमदनगर और इस पूरे क्षेत्र से 3 लाख टन प्याज खरीदा। प्याज पर 40% निर्यात शुल्क लगाया गया है ताकि भारत में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध हो। आज सुबह 11 बजे से NAFED और NCCF नासिक, पिंपलगांव, लासलगांव, अहमदनगर और पूरे क्षेत्र से 2 लाख टन से अधिक प्याज की खरीद शुरू करेंगे। जरूरत पड़ने पर भविष्य में और भी खरीदारी की जाएगी। किसी भी किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार किसानों के हित में तत्पर है।"
किसानों को नुकसान की डर
केंद्र सरकार द्वारा प्याज पर निर्यात शुल्क बढ़ाकर 40 फीसदी किए जाने से राज्य में प्याज किसान और व्यापारी आक्रामक हो गए हैं। उन्हें शुल्क की वजह से भविष्य में निर्यात कम होने की वजह से खुदरा बाजार में प्याज की कीमत कम होने का डर सता रहा है। दावा किया जा रहा है कि केंद्र के इस फैसले से किसानों को बड़ा नुकसान होने वाला है।
अरबों का कारोबार करने वाले लासलगांव में लौटेगी रौनक!
नासिक के लासलगांव बाजार समिति को एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी के रूप में जाना जाता है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक और टेम्पो प्याज लेकर आते हैं। करोड़ों का लेन-देन होता है। लासलगांव बाजार समिति में किसानों, व्यापारियों, निर्यातकों की हमेशा भीड़ लगी रहती है। प्याज की नीलामी के लिए आने वाले ट्रैक्टर, टेंपो आदि वाहनों से बाजार समिति भरा रहता है। रिपोर्ट्स की मानें तो नासिक की लासलगांव बाजार समिति में प्याज की सालाना आवक 96 लाख 25 हजार 838 क्विंटल है, जबकि इस बाजार समिति का कारोबार 9 अरब 20 करोड़ 49 लाख 63 हजार रुपये से अधिक का है। लेकिन कल 14 बाजार समितियों में प्याज की नीलामी बंद होने से यहां सन्नाटा पसर गया। हालांकि अब केंद्र सरकार की नई घोषणा के बाद यहां फिर से कामकाज शुरू होने की उम्मीद है।
केंद्र ने क्यों लगाया 40% शुल्क?
टमाटर के बाद प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया है। इससे प्याज की घरेलू उपलब्धता बढ़ जाये। प्याज पर 31 दिसंबर 2023 तक यह शुल्क जारी रहेगा।
Published on:
22 Aug 2023 11:56 am
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