
भारतीय संविधान की प्रतिकृति को नुकसान पहुंचाने के विरोध में बुधवार को महाराष्ट्र के परभणी शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ। उग्र भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। जिला प्रशासन ने पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू की है और भारी पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस की टीमें हिंसा प्रभावित इलाकों में गश्त कर रही है। आज सुबह तक 50 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और धर-पकड़ जारी है।
परभणी शहर में हुई हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, स्थिति नियंत्रण में है...संविधान की प्रतिकृति को नुकसान पहुंचाने वाले को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था, वह दिमागी तौर पर कमजोर लग रहा है। मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद भी इस तरह का प्रदर्शन करना ठीक नहीं है...”
नांदेड के विशेष आईजी शाहजी उमाप ने बताया कि परभणी हिंसा को लेकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 8 मामले दर्ज किए गए हैं। हमने इस संबंध में अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया है...सभी को स्थिति नियंत्रण में करने के दौरान स्पॉट से पकड़ा गया।"
उन्होंने आगे कहा, “हमारे डिप्टी एसपी और 9 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं है। उनका इलाज चल रहा है... कल दोपहर के बाद स्थिति सामान्य हो गई। जिले में एसआरपीएफ जवानों समेत पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”
परभणी के डीएम रघुनाथ खंडू गावड़े ने कहा, "मंगलवार को संविधान की प्रतिकृति को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद भीड़ जुट गई और हिंसक होने लगी...इसके बाद एसपी और मैं वहां गए और लोगों को समझाया और बाबासाहेब अंबेडकर मूर्ति और संविधान की प्रतिकृति पर माला चढ़ाई। यह सब 10 दिसंबर को शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। फिर अगले दिन वे एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद कई जगहों पर सड़कें जाम कर दी गईं और कुछ जगहों पर आगजनी भी हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.. शाम को करीब 50 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शहर में एसआरपीएफ की प्लाटून भी मौजूद है, इसलिए कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है...कुछ पुलिस कर्मियों को चोटें आईं, कुछ पुलिस वाहनों को भी नुकसान हुआ, निजी संपत्तियों को भी नुकसान हुआ। हमने पंचनामा के लिए 8 टीमें गठित की हैं...मुख्य आरोपी को 10 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वह पुलिस की हिरासत में है। इसके पीछे कोई है या नहीं, इसकी पुलिस जांच कर रही है और फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी...''
डीएम रघुनाथ ने आगे कहा, “पुलिस के पास बहुत सारे सबूत, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो हैं और उनकी सावधानीपूर्वक जांच और उचित छानबीन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। जो हिंसा में शामिल नहीं था, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उचित जांच के बाद ही कार्रवाई की जा रही है...फिलहाल, यहां के एसपी मामले को देख रहे हैं और नांदेड़ के डीआइजी भी यहां डेरा डाले हुए हैं। उनकी निगरानी में जांच हो रही है।''
मंगलवार को परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर डॉ बी आर आंबेडकर की प्रतिमा के पास स्थापित कांच के बक्से में बंद सीमेंट से बनी संविधान की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। बुधवार दोपहर को भीड़ ने आगजनी तथा जिलाधिकारी कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हिंसा बुधवार दोपहर 12 से 4 बजे के बीच हुई। भीड़ आई और तोड़फोड़ करने लगी। उस समय पुलिस की मौजूदगी काफी कम थी। भीड़ ने कई दुकानें क्षतिग्रस्त कर दी।
Updated on:
12 Dec 2024 08:34 pm
Published on:
12 Dec 2024 08:34 pm
