
Maha Mhada News: 15 दिनों में पात्रा चॉल का मुद्दा हो साफ, गृह निर्माण मंत्री ने किया दौरा
मुंबई. राज्य सरकार के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने गुरुवार को म्हाडा की बहुप्रतीक्षित योजना गोरेगांव पश्चिम स्थित सिद्धार्थ नगर की पात्रा चॉल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में बैठकर परियोजनाओं की जानकारी नहीं ली जा सकती, जिसके चलते विकास कार्यों का मुआयना करने के लिए स्पॉट पर जाना बहुत जरूरी हो गया है। वहीं करीब 12 साल से अटके पड़ी पात्रा चॉल के पुनर्विकास का मसला पूर्व मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ के हाथों दिया गया है, वहीं इस मुद्दे को हल करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। जबकि महीने भर बाद अव्हाड खुद ही इस परियोजना के बारे में हो रहे कार्यों का लेखाजोखा लेने वाले हैं। वहीं उन्होंने घोषणा की है कि आगे से म्हाडा की ओर से निकलने वाली लॉटरी में महाराष्ट्र पुलिस के लिए 10 प्रतिशत घर आरक्षित किए जाएंगे।
अटका पड़ा है 672 किरायेदारों का पुनर्वास...
यह पुनर्विकास की प्रक्रिया वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। राज्य सरकार ने मार्च 2018 में पूर्व मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति को पात्रा चॉल पुनर्विकास में गहन जांच के लिए नियुक्त किया गया था। पुनर्विकास एक गुरुशिश कंस्ट्रक्शन की ओर से किया जा रहा था, सिद्धार्थ नगर कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में एक म्हाडा लेआउट में एचडीआईएल समूह का हिस्सा था। वहीं जनवरी 2018 में, म्हाडा ने डेवलपर गुरुशिश कंस्ट्रक्शंस को एचडीआईएल समूह का एक हिस्सा जारी करने के आदेश के साथ-साथ परियोजना के समय पर पुनर्विकास को पूरा नहीं करने के लिए टर्मिनेशन नोटिस जारी किया था। गुरुशिश कंस्ट्रक्शंस ने भूमि के पुनर्विकास के लिए म्हाडा और पात्रा चॉल निवासियों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और आज तक यह परियोजना अधूरी है। पुनर्विकास में म्हाडा को डेवलपर से 1 लाख वर्ग फुट का निर्मित क्षेत्र प्राप्त करना था, जिसे 672 किरायेदारों का पुनर्वास करना था और दोनों ही नि:शुल्क।
मौके पर जाकर कार्यों का जायजा...
वहीं 13 जनवरी, 2020 को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बैठक बुलाई, जहां उन्होंने आवास के मुद्दों को उठाया और फिर पात्रा चॉल पुनर्विकास मुद्दे पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान यह ध्यान दिया गया कि 2007 में पात्रा चॉल के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू की गई थी और तब से लगभग 672 निवासी अपने घरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। निवासियों की शिकायतें थीं कि उन्हें कई महीनों तक डेवलपर से किराया भी नहीं मिला था। वहीं मामला उच्च न्यायालय में होने के कारण पात्रा चॉल के पुनर्विकास में देरी होगी। जबकि मुख्यमंत्री के कर्यो को आगे बढ़ाने के लिए अव्हाड अब वर्षों से अटकी पड़ीं परियोजनाओं का निरीक्षण खुद मौके पर जाकर उसका जायजा ले रहे हैं।
31 मार्च से शुरू होगा काम...
इसके अलावा म्हाडा ने पहले ही म्हाडा से संबंधित 306 घरों की लॉटरी निकली थीं। हालांकि दो साल की लॉटरी के बाद भी इन घरों को अभी तक वितरित नहीं किया गया है, जबकि ये सभी मुद्दे सरकार के विचाराधीन थे। जोसेफ को फाइनल रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है। पात्रा चॉल के पुनर्विकास, निवासियों के लिए किराए, म्हाडा की लॉटरी और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बारे में सरकार को समाधान देना जरूरी है। साथ ही उसे उच्च न्यायालय में चल रहे कानूनी मामले को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना है। वहीं अव्हाड ने पात्रा चॉल के निवासियों को 1 मार्च से काम शुरू होने का आश्वासन भी दिया है।
Published on:
24 Jan 2020 12:14 pm
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