
संजय राउत को PMLA कोर्ट से लगा झटका
Shiv Sena MP Sanjay Raut Money Laundering Case Patra Chawl Scam: मुंबई के पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना (Patra Chawl Case) में कथित घोटाले के आरोप में जेल में बंद शिवसेना (Shiv Sena) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) को आज भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। राउत को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने शुक्रवार को भी उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। कोर्ट ने साथ ही उनकी न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को निर्धारित की गई है।
मुंबई की विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) कोर्ट ने संजय राउत की न्यायिक हिरासत को 2 नवंबर तक बढ़ा दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह तभी ही राउत की जमानत याचिका पर भी सुनवाई करेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संजय राउत के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है और इसी साल उन्हें अगस्त महीने में गिरफ्तार किया था। तब से शिवसेना नेता ईडी की हिरासत में है। यह भी पढ़े-CBI जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार की परमिशन की जरूरत नहीं, सीएम शिंदे ने महाविकास अघाड़ी का आदेश किया रद्द
पिछली सुनवाई के दौरान ईडी ने शिवसेना (Uddhav Balasaheb Thackeray) नेता संजय राउत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि राउत ने पात्रा चॉल घोटाले में सक्रिय रुचि ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया कि उनके पास राउत की इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संलिप्तता दिखाने के लिए सबूत है।
ईडी ने क्या लगाया है आरोप?
ईडी की जांच पात्रा चॉल के पुनर्विकास में कथित वित्तीय अनियमितताओं और उनकी पत्नी और सहयोगियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। उपनगरी क्षेत्र गोरेगांव में 47 एकड़ में फैली पात्रा चॉल को सिद्धार्थ नगर के नाम से भी जाना जाता है और उसमें 672 किरायेदार परिवार रहते हैं। 2008 में म्हाडा ने एचडीआईएल की सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (जीएसीपीएल) को चॉल के पुनर्विकास का कॉन्ट्रैक्ट सौंपा। जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट बनाने थे और म्हाडा को कुछ फ्लैट देने थे। इसके बाद जीएसीपीएल बची हुई जमीन बेचने के लिए स्वतंत्र था।
संजय राउत को मिले करोड़ों रूपये
ईडी के अनुसार, पिछले 14 वर्षों में किरायेदारों को एक भी फ्लैट नहीं मिला, क्योंकि कंपनी ने पात्रा चॉल का पुनर्विकास नहीं किया, बल्कि अन्य को जमीन कुल 1,034 करोड़ रुपये में बेच दिया।
ईडी का आरोप है कि संजय राउत ने कानून की नजर से बचने के लिए प्रवीण राउत के माध्यम से पर्दे के पीछे से सारा षड्यंत्र रचा। प्रवीण राउत इस मामले में सह-आरोपी है। राउत को अपराध की कुल आय का 3.27 करोड़ रुपये मिला है।
Published on:
21 Oct 2022 03:06 pm
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