
बर्थडे मनाकर महाबलेश्वर निकले 4 दोस्तों की मौत मामले में पिता का छलका दर्द, फोटो सोर्स- एक्स ( @airews_mumbai )
Pune Mahabaleshwar car crash: पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिरवल के पास मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। महाबलेश्वर घूमने जा रहे दोस्तों की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलटते हुए दूसरी तरफ से आ रहे एक ट्रक से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, इस घटना को लेकर एक मृतक के परिजनों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हमने जाने से कई बार मना किया था लेकिन नहीं माना।
मराठी न्यूज लोकसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 19 साल के सोनू सिंह के पिता धीरेंद्र ठाकुर ने रोते हुए बताया कि 'मैंने उसे महाबलेश्वर जाने से मना किया था, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी।' सोनू टाकवे में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था और पिछले दो महीनों से उसने एक भी छुट्टी नहीं ली थी। वह लगातार काम कर रहा था और उसने अपने पिता से वादा किया था कि अगले दो साल में सब कुछ ठीक करने के बाद शादी करेगा। परिवार को भी उम्मीद थी कि सोनू मेहनत करके अपनी जिंदगी को बेहतर बनाएगा, लेकिन मंगलवार की रात उनके परिवार के लिए काल बनकर आई और एक दर्दनाक हादसे ने उनकी सारी उम्मीदें छीन लीं। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाला आदित्य गरुड़ (19) अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह लोनावला के VPS कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा था। दोनों युवकों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
सोनू के करीबी दोस्त और बिजनेस पार्टनर रोहन चौधरी के अनुसार, सभी दोस्त पहले माथेरान जाने वाले थे, लेकिन बाद में उन्होंने योजना बदलकर महाबलेश्वर जाने का फैसला किया। मावल क्षेत्र से करीब 12 दोस्त दो गाड़ियों में सवार होकर निकले थे। पुणे के कान्हे में सभी ने अपने दोस्त विराज शेलके का जन्मदिन केक काटकर मनाया। इसके बाद वे महाबलेश्वर के लिए आगे बढ़े, लेकिन कुछ ही देर बाद यह दर्दनाक हादसा हो गया।
इस दर्दनाक हादसे में मावल और कामशेत इलाके के चार युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान वेदांत अर्जुन वारिंगे, सोनू सिंह धीरेंद्र ठाकुर (19), आदित्य बालासाहेब गरुड़ (19) और निखिल बालू राउत के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में दीक्षित दयानंद पुजारी और कार चालक मयूर हनुमंत शिंदे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई कार वेदांत वारिंगे के पिता की थी। घटना के समय मयूर शिंदे कार चला रहा था, जबकि दीक्षित दयानंद पुजारी उसके बगल वाली सीट पर बैठा था। कार की पिछली सीट पर चारों दोस्त बैठे हुए थे, जिनकी इस भीषण हादसे में जान चली गई।
जांच अधिकारी नितिन खामगल ने बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना सामने आया है। कार डिवाइडर से टकराकर उछली और दूसरी लेन में जाकर सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या चालक ने किसी नशीले पदार्थ या शराब का सेवन किया था।
Updated on:
12 Aug 2026 06:39 pm
Published on:
12 Aug 2026 06:39 pm
