
Pune Porsche Accident: पुणे के पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले में 17 साल के आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुणे सेशन कोर्ट ने नामी बिल्डर विशाल अग्रवाल की हिरासत 7 जून तक बढ़ा दी है। इसके अलावा इस मामले में पुणे पुलिस ने नई धाराएं भी जोड़ी है। उधर, इस दुर्घटना को लेकर एनसीपी (शरद पवार) ने राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आज कलक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
17 साल 8 महीने के नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल की हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें अन्य आरोपियों के साथ आज पुणे की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी अग्रवाल समेत सभी 6 आरोपियों को 7 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विशाल अग्रवाल ब्रम्हा रिऐल्टी ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख हैं।
पुणे पुलिस ने आरोपी के पिता, जिस बार में नाबालिग आरोपी ने शराब पी थी उसके मालिकों और मैनेजरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के साथ-साथ महाराष्ट्र निषेध अधिनियम की धारा 65 (ई) और 18 भी जोड़ी है। इससे आरोपियों की मुसीबत और बढ़ गई है।
पुणे के कल्याणीनगर में रविवार तड़के लग्जरी कार ‘पोर्शे’ (Porsche) से हुए हादसे में इंजिनियर अनीस अहुदिया (24) और इंजिनियर अश्विनी कोस्टा (24) की मौत हो गई थी। घटना के समय दोनों पीड़ित दोपहिया वाहन से दोस्तों के साथ पार्टी कर लौट रहे थे। इस हादसे का आरोपी विशाल अग्रवाल का नाबालिग बेटा है। उसे पुलिस ने घटनास्थल से गिरफ्तार भी किया था। पुलिस ने दावा किया है कि वह नशे की हालत में कार चला रहा था।
हालांकि नाबालिग होने की वजह से कुछ ही घंटों के भीतर उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से निबंध लिखने और यातायात नियम पढ़ने जैसी मामूली शर्तों पर जमानत मिल गई। हालांकि पुलिस के फिर से रुख करने पर जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग की जमानत रद्द कर दी और उसे 5 जून तक के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया।
Updated on:
24 May 2024 07:05 pm
Published on:
24 May 2024 07:05 pm
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