
सीएम फडणवीस को क्या मिला है कोई नया ‘वीटो पावर’? (Photo: IANS)
महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवड़ शहर में जहरीली शराब पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद एक्शन मोड में आ गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सीधे पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों से बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि एक भी आरोपी बचना नहीं चाहिए और सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जहरीली शराब कांड की जांच अब युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है। पुलिस और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। बीती रात शहर और आसपास के कई इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
इस मामले में मुख्य आरोपी कर्नल विरखा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके अलावा आठ अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब का निर्माण कहां किया गया था और इसे किन माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया गया। पुलिस शराब की पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
वहीं, मौतों की वास्तविक वजह जानने के लिए मेडिकल और फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों की टीम शराब के नमूनों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसमें कौन से जहरीले तत्व मौजूद थे।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहित पवार ने कहा, "पिछले दो-तीन दिनों में घटिया और अवैध शराब पीने से करीब आठ लोगों की मौत हुई है। पुलिस इन मौतों को हार्ट अटैक या अन्य कारणों से हुई मौत बताने की कोशिश कर रही है, जो सच छिपाने और इस अवैध कारोबार को चलाने वालों को बचाने का प्रयास लगता है।"
उन्होंने आगे कहा, "पुणे में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद पुलिस विभाग निष्क्रिय नजर आ रहा है। ये सिर्फ वही मौतें हैं जो सामने आई हैं, वास्तविक संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है। अगर राज्य सरकार और पुणे पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो इसका मतलब है कि पुलिस विभाग के कुछ लोग भी इस अवैध धंधे में शामिल हो सकते हैं।"
इस भयावह घटना के बाद पुणे और पिंपरी चिंचवड़ क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मृतकों के परिवारों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर गुस्साए लोगों ने शराब की दुकानों में तोड़फोड़ भी की। सरकार से मांग की जा रही है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना फिर न हो।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस जहरीली शराब कांड में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
Updated on:
29 May 2026, 3:00 PM IST
Published on:
29 May 2026, 2:52 PM IST
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