
Cockroach Janta Party Protest (AI Image)
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) अब एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। महाराष्ट्र पुलिस और खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि इस डिजिटल अभियान को 'शहरी नक्सलियों' का समर्थन प्राप्त है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि अभिजीत दीपके के इस अभियान को कुछ तथाकथित अर्बन नक्सल तत्वों का समर्थन मिल रहा है। वे इस सोशल मीडिया कैंपेन की आड़ में युवाओं का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद युवाओं को भड़काकर स्थापित व्यवस्था और सरकार के खिलाफ खड़ा करना है। महाराष्ट्र नक्सल विरोधी अभियान के प्रमुख और स्पेशल आईजी संदीप पाटिल ने इस संबंध में बड़ी जानकारी साझा की है।
दरअसल, भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत (CJI Suryakant) द्वारा बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) नाम की यह व्यंग्यात्मक मुहिम अभिजीत दीपके ने शुरू की। देखते ही देखते यह अभियान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बड़ी संख्या में युवाओं ने इसका समर्थन करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स और समर्थक जुड़ गए थे।
हालांकि, बढ़ती लोकप्रियता के बीच पार्टी से जुड़े इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व ट्विटर) और वेबसाइट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कर दिया गया था। इसके बाद भी सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी हार मानने को तैयार नहीं हैं और नए सिरे से इसे उभारने में जुटे हुए हैं। अब इस पूरे अभियान को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया पर चल रहे इस अभियान को नक्सलवाद के तथाकथित यूनाइटेड फ्रंट यानी शहरी नेटवर्क से जुड़े कुछ वरिष्ठ कैडरों का समर्थन मिलने की आशंका है। खुफिया एजेंसियों के संज्ञान में आया है कि यूनाइटेड फ्रंट के कुछ टॉप लीडर्स इस समय कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोपेगैंडा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय हैं।
स्पेशल आईजी संदीप पाटिल के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि खुफिया एजेंसियां और पुलिस इस पूरे मुहीम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। उनके अनुसार, कुछ देशविरोधी तत्व कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता का उपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने और स्थापित व्यवस्था के खिलाफ असंतोष पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण महाराष्ट्र पुलिस और विभिन्न खुफिया एजेंसियां सीजेपी से जुड़े डिजिटल नेटवर्क, प्रचार गतिविधियों और संभावित समर्थकों की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच प्रारंभिक स्तर पर है।
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी वेबसाइट पर 10 लाख ‘कॉकरोच’ (लोग) रजिस्टर हुए थे और 6 लाख ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नीट विवाद के चलते इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर भी किया था। लेकिन सरकार ने इस वेबसाइट को ब्लॉक कर दी है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा, सरकार कॉकरोच से इतनी डर क्यों रही है? इस पूरे घटनाक्रम के जरिए देश के युवाओं को तानाशाही व्यवहार देखने को मिला है।
Updated on:
29 May 2026, 11:50 AM IST
Published on:
29 May 2026, 11:39 AM IST
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