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BJP को समर्थन देकर राज ठाकरे ने की बड़ी गलती? मनसे में मची भगदड़, दनादन साथ छोड़ रहे नेता

Raj Thackeray MNS: राज ठाकरे का आगामी लोकसभा चुनाव में महायुति को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 11, 2024

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नीत 'महायुति' गठबंधन को अपना 'बिना शर्त समर्थन' देने की घोषणा की है। महायुति में बीजेपी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे का आगामी चुनाव में महायुति को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है। राज के कट्टर समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया है और आगामी चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन मनसे के कई नेताओं को राज ठाकरे का यह फैसला पसंद नहीं आया है। इसलिए पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। यह भी पढ़े-राज ठाकरे साथ आए तो रूठ जाएंगे यूपी, बिहार के वोटर! बीजेपी को सता रहा डर, उठाया ये कदम

महज 48 घंटों में ही वरिष्ठ नेता कीर्तिकुमार शिंदे समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मनसे को अलविदा कह दिया है। राज के मोदी सरकार को समर्थन देने के ऐलान के अगले ही दिन पार्टी के महासचिव कीर्तिकुमार शिंदे ने मनसे छोड़ दी।

कीर्तिकुमार शिंदे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, अलविदा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना। 2019 के लोकसभा चुनाव में मनसे ने बीजेपी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ मोर्चा खोला था, लेकिन पांच साल बाद राज ठाकरे ने अहम मोड़ पर आकर अपनी राजनीतिक भूमिका बदल ली।

शिंदे ने कहा, "आज-कल नेता जब चाहें, जो चाहें राजनीतिक भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन लड़ाके (पार्टी कार्यकर्ताओं) जो उनके विचारों पर भरोसा करते हैं, कुचल दिये जाते हैं। इसका क्या?"

राज ठाकरे के निर्णय से बिफरे शिंदे ने यह भी कहा कि राजनीतिक विश्लेषक बताएंगे कि फैसला कितना सही और कितना गलत हैं? उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में बीजेपी ने देश को तबाह कर दिया है। भले ही राजनीतिक मजबूरियों के कारण राज ठाकरे को बीजेपी का साथ देना पड़ रहा है, लेकिन इससे महाराष्ट्र या मराठियों को कोई फायदा नहीं होगा।

मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में गुड़ी पड़वा के मौके पर मनसे की वार्षिक रैली को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा था कि वह देश के बेहतर भविष्य के लिए एक मजबूत नेतृत्व चाहते है, इसलिए वह बिना शर्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन करेंगे।

राज ठाकरे के इस निर्णय के विरोध में ठाणे जिले के डोंबिवली शहर के मनसे पदाधिकारी मिहिर दवते समेत सात नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। डोंबिवली में मनसे की छात्र शाखा के पदाधिकारियों ने पार्टी को अलविदा कहा।

दवते ने कहा कि राज ठाकरे का पीएम मोदी को समर्थन देने की घोषणा के बाद उन्होंने विरोध में पार्टी छोड़ी है। राज साहेब के बदलते रुख का सामना करना मुश्किल है। इसलिए अलग होना ही बेहतर है। उन्होंने दावा किया कि मनसे कार्यकर्ताओं का एक वर्ग चुप है लेकिन इस फैसले से खुश नहीं है।

गौरतलब हो कि राज ठाकरे पिछले महीने ‘महायुति’ में शामिल होने को लेकर चर्चा करने के लिए दिल्ली गए थे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। लेकिन बात नहीं बनी।

महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों के लिए 19 अप्रैल से 20 मई के बीच पांच चरणों में मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 जून को होगी। वहीँ, इसी साल अक्टूबर के आसपास राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।