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कल्याण में राजस्थानी महिलाओं ने मनाया गणगौर उत्सव

हल्दी और मेहंदी की रस्म हुई पूरी

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हल्दी और मेहंदी की रस्म हुई पूरी

हल्दी और मेहंदी की रस्म हुई पूरी

कल्याण. राजस्थानी महिलाओं ने शनिवार शाम कल्याण पश्चिम के पारनाका स्थित राजस्थान भवन में गणगौर उत्सव धूमधाम से मनाया, जिसमें हल्दी और मेंहदी की रस्म पूरी हुई। शाम को गाजे-बाजे के साथ शिव-पार्वती की शोभा यात्रा निकाली गई। मेहंदी की रस्म पर खूब नाच-गाना हुआ।
शोभा यात्रा में प्रमुख रूप से राजस्थान समाज की चंचल भराडिया, ज्योति, पदमा बजाज, सुचिता सोनी, प्रणिला, सरिता, शान्ता व्यास, ज्योति कासट, चंदा गरग, निर्मला असावा, सुमन सारडा, सुनीता काबरा, सुनीता बजाज सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। शोभा यात्रा द्वारकाधीश मंदिर से परनाका स्थित राजस्थान भवन में जाकर समाप्त हुई। राजस्थान भवन में विधि विधान के साथ गणगौर उत्सव का समापन हुआ।
चंदा ने बताया कि हर साल यह उत्सव पारम्परिक रूप से मनाया जाता है और आज हल्दी और मेंहदी की रस्म की गई है। मान्यता है कि चैत्र महीने में पार्वती जी मायके यानी पीहर आती हैं, इसलिए इसर गोरजा के रूप में भगवान शिव और पार्वतीजी की सेवा की जाती है। बताया जाता है कि गणगौर उत्सव के दौरान महिलाएं 16 दिन व्रत रहती हैं और लगातार प्रतिदिन यह उत्सव मनाया जाता है।
सुमन ने कहा कि मान्यता के अनुसार चैत्र माह में "गवरजा" यानी पार्वतीजी पीहर आती हैं इसलिए हम सब महिलाएं मिलकर लाड-प्यार के साथ उनकी सेवा करते हैं जो सनातन से हमारी परम्परा के रूप में चली आ रही है।