
पुणे दौरे पर संजय राउत का तीखा हमला, फोटो सोर्स- ANI
Sanjay Raut Amit Shah Pune visit statement: शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुणे दौरे के दौरान उन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। दरअसल, लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में शामिल होने पहुंचे गृह मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री होकर भी पुणे में भारी पुलिस और सेना की तैनाती के बीच रात के अंधेरे में पहुंचे हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक मुद्दे को लेकर संजय राउत ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। संजय राउत ने आरोप लगाया है कि संसद के बीते 10 दिनों के सत्र के दौरान जब देश के भविष्य और पेपर लीक पर चर्चा हो रही थी, तब गृह मंत्री संसद से नदारद रहे। न्याय मांग रहे निर्दोष छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठियां चलाई गईं और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। इस देश के छात्रों के खून से उनके हाथ सने हैं, उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पुणे में सुरक्षा बल तैनात किए जाने पर राउत ने पूछा कि आखिर गृह मंत्री किससे डर रहे हैं? उन्होंने तीखे शब्दों में कहा है कि
अगर आप गृह मंत्री हैं तो गृह मंत्री जैसा आचरण करें, लोगों से संवाद करें। लेकिन आपका रवैया एक गुंडे जैसा है। जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ जो हुआ, उसकी तुलना जलियांवाला बाग हत्याकांड से करते हुए राउत ने अधिकारियों और सत्ताधीशों को 'जनरल डायर' करार दिया। इतना ही नहीं इसके साथ ही उन्होंने 'वंदे मातरम' विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों के अनुपस्थित रहने पर भी सवाल खड़े किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि जंतर-मंतर पर देश के लाखों युवाओं ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी-शाह की जोड़ी 2029 तक सत्ता में नहीं टिक पाएगी और उससे पहले ही इनका राजनीतिक जनाधार समाप्त हो जाएगा।
Updated on:
01 Aug 2026 02:03 pm
Published on:
01 Aug 2026 02:03 pm
