
अजित पवार और शरद पवार
NCP Workers Protest: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार के सक्रिय राजनीति से अलग होने के फैसले ने एनसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। अभी तक शरद पवार जो कहते थे, पार्टी के तमाम नेता सुनते थे। लेकिन आज पहली बार कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता पवार के फैसले के खिलाफ एकजुट नजर आये।
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में अपनी आत्मकथा के संशोधित संस्करण के विमोचन के अवसर पर 1999 में बनाई गई अपनी पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान किया. जिसके बाद से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उन्हें अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे। इस दौरान कई नेता और कार्यकर्ता रोते हुए भी देखे गए। जबकि यशवंतराव चव्हाण सेंटर के बाहर व राज्य के कई अन्य हिस्सों में पवार समर्थक प्रदर्शन कर रहे है। यह भी पढ़े-शरद पवार का अचानक इस्तीफा कांग्रेस और उद्धव गुट के लिए तगड़ा झटका, BJP की राह होगी आसान?
शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी नेताओं की एक समिति को उनके उत्तराधिकारी का चुनाव करने पर निर्णय करना चाहिए। बाद में पवार के आवास पर पार्टी नेताओं की समिति की बैठक हुई जिसके बाद एनसीपी नेता अजित पवार ने घोषणा की कि उनके चाचा यानी शरद पवार अपने इस्तीफे के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए राजी हो गए है। लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर सोचने के लिए दो-तीन दिन के समय की आवश्यकता है।
एनसीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की शरद पवार की घोषणा के बाद राज्य में कुछ जगहों पर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि वे शरद पवार के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग के साथ ही अपने पद छोड़ रहे हैं।
विरोध कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजित पवार ने एनसीपी के पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वे वरिष्ठ नेता के आश्चर्यजनक निर्णय पर अपने पदों से इस्तीफा न दें। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "उन्होंने (शरद पवार) कहा है कि उन्होंने अपना फैसला कर लिया है, लेकिन आपके आग्रह के कारण उन्हें इस पर सोचने के लिए दो-तीन दिन का समय चाहिए। लेकिन वह इस बारे में तभी सोचेंगे जब सभी कार्यकर्ता घर जाएंगे।"
गौरतलब हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) का महाविकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन बनाने में अहम भूमिका रही है।
Published on:
02 May 2023 09:31 pm
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