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Shiv Sena: संजय राउत को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लिया ये बड़ा फैसला

Shiv Sena Eknath Shinde Sanjay Raut: राज्यसभा में उद्धव ठाकरे खेमे के तीन सांसद हैं। इसमें संजय राउत भी शामिल हैं। एकनाथ शिंदे खेमे के नेता दावा कर रहे है कि शिवसेना के सभी सांसदों को हमारे व्हिप को मानना अनिवार्य है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 28, 2023

Sanjay Raut in ED Remand till 4 August

4 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में रहेंगे संजय राउत

Sanjay Raut News: सुप्रीम कोर्ट में आज शिवसेना के एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट के बीच सत्ता संघर्ष पर अहम सुनवाई हुई। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई इसी हफ्ते खत्म हो जाएगी। अगर ऐसा होता है तो बीते आठ से जारी महाराष्ट्र का सियासी घमासान खत्म हो जाएगा। मंगलवार को इस पृष्ठभूमि में शिवसेना सांसद राहुल शेवाले ने मीडिया से बातचीत की।

शिवसेना (शिंदे गुट) नेता राहुल शेवाले ने कहा कि चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना का नेतृत्व सौंपा है। इस हिसाब से शिंदे अब शिवसेना पार्टी के प्रमुख नेता हैं। वर्तमान में सांसद संजय राउत राज्यसभा में शिवसेना के नेता हैं। शेवाले ने कहा, चूंकि एकनाथ शिंदे के पास पार्टी प्रमुख होने के नाते अब संसद का नेता तय करने का अधिकार है। तदनुसार, सांसद गजानन किर्तीकर को संसद में शिवसेना के नेता के रूप में नियुक्त करने के लिए संसदीय कार्य समिति को एक पत्र भेजा गया है। यह भी पढ़े-Mumbai: मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र का घर उड़ा देंगे, 25 आतंकी पहुंचे... अज्ञात कॉल से मचा हड़कंप

बता दें कि राज्यसभा में उद्धव ठाकरे खेमे के तीन सांसद हैं। इसमें संजय राउत भी शामिल हैं। शेवाले ने कहा कि सभी सांसदों को शिवसेना के व्हिप को मानना अनिवार्य है। हालांकि अभी संसद के बजट सत्र में व्हिप जारी करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। लेकिन उन्होंने बताया कि संजय राउत को राज्यसभा में पार्टी लीडर (Shiv Sena Leader in Rajya Sabha) के पद से हटाने की प्रक्रिया शिवसेना ने शुरू की गई है।

निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने हाल ही में ‘शिवसेना’ नाम और इसका चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले गुट को आवंटित कर दिया। इससे उद्धव ठाकरे खेमे को तगड़ा झटका लगा है। शिवसेना की स्थापना वर्ष 1966 में उद्धव ठाकरे के दिवंगत पिता बाल ठाकरे ने की थी। तब से शिवसेना की कमान ठाकरे परिवार के पास ही थी। हालांकि, उद्धव गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।