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भाजपा और अजित गुट नहीं, एकनाथ शिंदे ने इस संगठन से किया गठबंधन, बोले- दो भगवा धाराएं एक हुईं

Eknath Shinde : पुणे में शिवसेना और पतित पावन संगठन ने हाथ मिलाया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, यह गठबंधन अन्य से अलग है, हिंदुत्व के लिए यह खास मौका है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Nov 10, 2025

Eknath Shinde Shiv Sena and Patit Pavan Sanghatana

शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Photo: X/mieknathshinde)

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को नया समीकरण देखने को मिला। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra Civic Election) को ध्यान में रखते हुए एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने पतित पावन संगठन (Patit Pavan Sanghatana) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से वैचारिक रूप से जुड़ा माना जाता है। इस अवसर पर एक संयुक्त रैली में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "शिवसेना ने अब तक कई मित्र और सहयोगी बनाए हैं, लेकिन पतित पावन संगठन के साथ गठबंधन अन्य सभी से अलग है।"

हिंदुत्व के लिए खास दिन- शिंदे

शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में कहा, “शिवसेना और पतित पावन- भगवा विचारधारा के दो प्रवाह आज एक साथ आए हैं। यह हिंदुत्व के लिए गर्व का क्षण है। हिंदुत्व और मराठी अस्मिता के लिए लड़ने वाले कुछ ही संगठन बचे हैं, और उनमें पतित पावन संगठन का बड़ा योगदान है। शिवसेना का जन्म ही मराठी मानुस और हिंदुत्व की विचारधारा को मजबूत करने के लिए हुआ था। ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ यह नारा भी शिवसेना ने ही दिया।

रविवार को पुणे में आयोजित इस संयुक्त रैली में उपमुख्यमंत्री शिंदे के साथ महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापती डॉ. नीलम गोहे, उद्योग मंत्री उदय सामंत, पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई, गृह राज्यमंत्री योगेश कदम समेत पार्टी के बड़े नेता और पतित पावन संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह गठबंधन अलग है- शिवसेना प्रमुख

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “आज हर भारतीय को गर्व महसूस होना चाहिए कि शिवसेना और पतित पावन संगठन एक साथ आए हैं। यह गठबंधन सिर्फ पुणे तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां-जहां हिंदुत्व को चुनौती मिली है, वहां दोनों संगठन सबसे आगे खड़े रहे हैं। जब हिंदुत्व पर खतरा मंडराने लगा था और ऐसी चीजें होने लगी थीं जो बालासाहेब ठाकरे कभी नहीं चाहते थे, तब इसी एकनाथ शिंदे ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक क्रांति की शुरुआत की और महाराष्ट्र में फिर से हिंदुत्व की जड़ों पर आधारित सरकार स्थापित की।”

उद्धव ठाकरे की महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, मेरी सरकार के सत्ता में आने से पहले, ढाई साल तक त्योहारों और उत्सवों पर रोक लगी रही और मंदिर बंद रहे। हमारी सरकार आने के बाद, मंदिर खोले गए, त्योहारों और उत्सवों पर लगे प्रतिबंध खत्म किए गए और अटकी हुई विकास परियोजनाओं को भी पटरी पर लाया गया।

नहीं बंद होगी लाडकी बहीन योजना

शिंदे ने अपनी सरकार की ‘लाडकी बहीन योजना’ का भी उल्लेख किया और कहा कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी। कुछ लोगों ने इसमें अड़चनें डालने की कोशिश की, अफवाहें फैलाईं, लेकिन हमने वचन दिया है और हम पीछे नहीं हटेंगे।

शिवसेना और पतित पावन संगठन के गठबंधन को महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व की दिशा में एक नया प्रयोग माना जा रहा है। स्थानीय चुनावों से पहले इस सियासी गुगली के जरिए एकनाथ शिंदे ने न केवल अपनी वैचारिक जमीन मजबूत की है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी हिंदुत्व समर्थक वर्ग को एकजुट करने का प्रयास किया है।

गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना राज्य की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और अजित पवार गुट की एनसीपी शामिल हैं। हालांकि, पुणे व अन्य जगहों के निकाय चुनावों में महायुति के घटक दल एक साथ मैदान में उतरेंगे या अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे, इस पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

महाराष्ट्र (Maharashtra Local Body Elections 2025) की 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज (10 नवंबर) से शुरू हो गई है। इन सभी जगहों पर 2 दिसंबर को मतदान होगा। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक मुंबई की बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC Election) समेत 29 नगर निगमों, 32 जिला परिषदों और 336 पंचायत समितियों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के सभी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक पूरे कराने का निर्देश दिया है।