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Shiv Sena: ‘सज्जनों की रक्षा के लिए ढाल, दुष्टों के विनाश के लिए तलवार’, नए अवतार में शिंदे गुट

Shiv Sena Eknath Shinde Camp New Name and Symbol: निर्वाचन आयोग ने शनिवार को शिवसेना के दोनों खेमों को तीन नवंबर को अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर दिया।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 12, 2022

Shinde faction released poster with new name and symbol

शिंदे गुट ने नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ जारी किया पोस्टर

Balasahebanchi ShivSena: शिवसेना (Shiv Sena) में चल रही राजनीतिक लड़ाई के बीच केंद्रीय चुनाव आयोग ने आगामी उप-चुनाव के मद्देनजर शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट व एकनाथ शिंदे गुट को अलग-अलग नाम व चुनाव चिह्न आवंटित किये है। 3 नवंबर को होने वाला अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव आगामी मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। शिवसेना में फूट के चलते पार्टी का चुनाव चिन्ह धनुष बाण सीज होने के बाद यह पहला चुनाव है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक पोस्टर शेयर किया है. शिवसेना के पोस्टर में शिंदे गुट का नाम 'बालासाहेबांची शिवसेना' और चुनाव चिह्न 'दो तलवारें और एक ढाल' शामिल हैं। ट्वीट के साथ लिखा है “हम आदरणीय हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के मजबूत हिंदुत्व विचारों के सच्चे उत्तराधिकारी हैं। आइए हम सज्जनों की रक्षा के लिए ढाल, और बुरे लोगों के खात्मे के लिए हाथों में तलवार लेते है।“ यह भी पढ़े-Shiv Sena: बालासाहेब की फोटो शेयर कर उद्धव ठाकरे बोले- जीत के दिखाएंगे; आदित्य ने शिंदे गुट पर किया कटाक्ष

गौरतलब हो कि चुनाव आयोग (Election Commission) ने अंधेरी पूर्व निर्वाचन क्षेत्र (Andheri East Constituency) में अगले महीने होने वाले उपचुनाव से पहले शिंदे गुट को ‘बालासाहेबांची शिवसेना' (Balasahebanchi Shiv Sena) यानी बालासाहेब की शिवसेना व निशान के तौर पर ‘ढाल तलवार’ और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े को 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' नाम व निशान के तौर पर ‘मशाल’ आवंटित किया है।

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को शिवसेना के दोनों खेमों को तीन नवंबर को अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही दोनों धड़ों ने उनसे उनकी पसंद के तीन अलग-अलग नाम और इतनी ही संख्या में चिह्न बताने को कहा था।

शिवसेना के दिग्गज नेता रहे एकनाथ शिंदे ने जून महीने में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए दावा किया था कि उनके पास शिवसेना के 55 में 40 विधायकों और 18 लोकसभा सदस्यों में से 12 का समर्थन प्राप्त है। इसलिए उन्हें असली शिवसेना के तौर पर मान्यता मिले।