
कैबिनेट बैठक में शामिल हुए अजित पवार
Shiv Sena: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के ताकतवर नेता अजित पवार ने बुधवार को शक्ति प्रदर्शन कर अपना दमखम दिखाया। इससे पहले अजित पवार ने बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के साथ 'महायुति' यानी गठबंधन का ऐलान किया। अजित पवार के शिवसेना-बीजेपी सरकार में 8 अन्य विधायकों के साथ शामिल होने और मंत्री पद की शपथ दिलाने से शिंदे खेमे में हलचल बढ़ गयी है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार के लिए लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद शिंदे गुट के कई नेताओं को मंत्री पद नहीं मिला। लेकिन अजित दादा के लिए सरकार में अचानक 9 नए मंत्री बना दिए गए, जिससे शिंदे गुट के विधायक नाखुश हैं। उधर, अजित पवार की एंट्री से शिवसेना में असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, शिवसेना इसे बार-बार खारिज कर रही है। यह भी पढ़े-NCP में तख्ता-पलट, अजित पवार बने पार्टी के नए अध्यक्ष, चाचा शरद पवार को हटाया
शिंदे गुट में नाराजगी क्यों?
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं का कहना है कि सत्ता में भागीदारी का मतलब है सत्ता में हिस्सेदारी...। खबर है कि शिवसेना के असंतुष्ट विधायकों के एक समूह ने मांग की है उन्हें जल्द से जल्द मंत्री पद दिया जाये। इसलिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने खफा विधायकों को मनाने की बड़ी चुनौती है।
दरअसल पिछले साल जून महीने में शिवसेना विधायकों ने यह आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया था कि अजित पवार फंड देने में पक्षपात करते हैं। अब उन आरोपों का क्या होगा? ऐसे में शिंदे के विधायक टेंशन में हैं।
संभाजी नगर के विधायक संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ''हम हमेशा एनसीपी के खिलाफ थे और आज भी हम शरद पवार के खिलाफ हैं।'' उन्होंने आगे सवाल उठाया कि राज्य विधानसभा में बहुमत होने के बावजूद शिवसेना-बीजेपी गठबंधन में एनसीपी के बागियों को शामिल करने की क्या जरूर थी?
शिंदे खेमे के विधायक शिरसाट ने कहा, "एनसीपी के हमारे साथ आने के बाद हमारे गुट के लोग चिंतित है, क्योंकि हमारे कुछ नेताओं को अब उनका मनचाहा पद नहीं मिलेगा।" शिरसाट ने कहा, "उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाकर शरद पवार ने उनका इस्तेमाल किया था। जब उद्धव मुख्यमंत्री थे तब एनसीपी सरकार चलाती थी।"
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के एक अन्य वफादार भरत गोगावले (Bharat Gogawale) इस बात से नाखुश है कि उनकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एनसीपी की अदिति तटकरे (Aditi Tatkare) अब मंत्री हैं और उन्हें रायगढ़ (Raigad) का संरक्षक मंत्री भी बनाया जा सकता है। जिस पर वह खुद काबिज होना चाहते थे। उन्होंने कहा “लेकिन हम स्थिति को स्वीकार करेंगे और आगे बढ़ेंगे। जिन लोगों को पहले एक रोटी मिलनी थी, उन्हें अब आधी मिलेगी और जिन्हें आधी मिलने वाली थी, उन्हें अब एक चौथाई ही मिलेगी।“
सीएम शिंदे ने बुलाई अर्जेंट मीटिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने असंतुष्ट विधायकों को समझाने के लिए मुंबई में शिवसेना विधायकों की एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में शिंदे अपने विधायकों को इस बात का महत्व बताएंगे कि एनसीपी को सत्ता में क्यों शामिल किया गया और असंतुष्ट विधायकों को मनाने की कोशिश करेंगे।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बुधवार को नागपुर दौरे पर थे। जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करने के बाद वह तुरंत मुंबई के लिए रवाना हो गये। कहा जा रहा है कि अपने विधायकों की नाराजगी की खबर सुनकर ही एकनाथ शिंदे तुरंत मुंबई आ गए।
Published on:
05 Jul 2023 09:34 pm
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