
अभिषेक घोसालकर और मॉरिस नोरोन्हा
Dahisar Firing: मुंबई के दहिसर इलाके में गुरुवार को उद्धव ठाकरे ग्रुप के पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति मॉरिस नोरोन्हा (Morris Noronha) उर्फ मॉरिस भाई ने घोसालकर को दोस्ती करने के बहाने से अपने दफ्तर बुलाया और पांच गोली मारी। इसके बाद मॉरिस ने भी खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
उद्धव गुट के पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के बेटे अभिषेक घोसालकर को मॉरिस ने ‘फेसबुक लाइव’ के दौरान गोली मारी। इस घटना से हड़कंप मच गया। कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार पर खूब आरोप लगाए। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड की जांच के लिए दो टीमें गठित की है। यह भी पढ़े-कोरोना काल का मसीहा मॉरिस, कैसे बना हत्यारा? पत्नी ने खोला बड़ा राज
क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद मॉरिस के बॉडीगार्ड अमरेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि मिश्रा के पिस्तौल से ही गोलीबारी की गई थी। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने दिन में पूछताछ के लिए अमरेंद्र मिश्रा को हिरासत में लिया था।
मॉरिस नोरोन्हा के बॉडीगार्ड अमरेंद्र मिश्रा के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 29 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मॉरिस ने जिस पिस्तौल का इस्तेमाल किया उसका लाइसेंस मिश्रा के पास था।
पुलिस ने 40 वर्षीय मॉरिस की पत्नी समेत उनके परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। जांच में पता चला है कि मॉरिस की उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नेता अभिषेक घोसालकर से सियासी दुश्मनी थी। मॉरिस के खिलाफ हत्या, बलात्कार जैसे संगीन मामले दर्ज किए गए है. एक बार वह पांच महीने जेल में बंद था। मॉरिस को शक था कि अभिषेक ने ही उसे बलात्कार के मामले में फंसाया है। वह मुंबई के दहिसर-बोरीवली इलाके में एक एनजीओ चलाता था।
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Published on:
09 Feb 2024 09:16 pm
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