
Nitin Godse
महाराष्ट्र के अकोला गांव निवासी नितिन के पिता एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन थे। उनकी मासिक आय काफी कम थी। जिसके कारण पढ़ाई पूरी करने के लिए नितिन को कई छोटे-मोटे काम करने पड़े। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्हें एक कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी मिली। कुछ समय काम करने के बाद कॅरियर में ग्रोथ के लिए नौकरी छोड़ी और पुणे यूनिवर्सिटी में एमबीए में दाखिला ले लिया। एमबीए के बाद उन्हें एक एग्रो बेस्ड कंपनी में जॉब मिली।
यह कंपनी ताजी सब्जियों को साफ-सुथरे ढंग से पैक करके बाजार में बेचती थी। वहां नितिन सुबह साढ़े तीन बजे से लेकर देर रात तक काम करते थे। वे हमेशा से बिजनेसमैन बनना चाहते थे इसलिए कुछ समय बाद एक परिचित के साथ सब्जियों का बिजनेस शुरू किया।
लेकिन खास मुनाफा न होने के कारण कुछ समय बाद इसे बंद किया व एक गैस कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर की नौकरी करने लगे। तीन साल काम करके फंड इकट्ठा किया और 1996 में गैस हैंडलिंग सिस्टम, सिलेंडर ट्रॉली, गैस कैबिनेट बनाने की कंपनी शुरू की। आज उनकी कंपनी में करीब 150 से ज्यादा स्थायी कर्मचारी है, जबकि बार्क, सिपला, आईआईएसआर व रिलायंस जैसी कंपनियां इनकी ग्राहक हैं।
खास...आर्थिक तंगी के चलते नितिन ने पढ़ाई करने के लिए सब्जी बेचकर व कई जगह मजदूरी करके काफी मुश्किल से रुपए जुटाए। उनकी मेहनत सफल हुई और आज वे अपनी कंपनी चला रहे हैं जिसका टर्नओवर करीब 25 करोड़ रुपए है।
Published on:
29 Aug 2016 06:30 am

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