
Swine Flu
कोविड-19 महामारी के बाद महाराष्ट्र में अब स्वाइन फ्लू (Swine Flu News) का खतरा बढ़ने लगा है। इस साल नागपुर में स्वाइन फ्लू के कुल 20 मामले सामने आए हैं। इनमें से 16 मरीज नागपुर नगर निगम सीमा के हैं और 4 मरीज शहर के बाहर के हैं। पिछले कुछ दिनों से स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नगर महामारी विज्ञान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले कुल 18 मरीज प्रयोगशाला जांच में पॉजिटिव पाए गए।
इस बीच स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू उच्च जोखिम वाले समूहों जैसे वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या प्रतिरक्षात्मक व्यक्तियों में गंभीर रूप ले सकती है। इस बीमारी से जान का खतरा भी हो सकता है। महामारी विभाग के डॉ नोडल अधिकारी ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। यह भी पढ़ें: Maharashtra: औरंगाबाद ट्रैफिक डेटा 'गूगल' करेगा सार्वजनिक, भारत का पहला शहर बना
बता दें कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू के मरीज मुंबई में हैं। इसको लेकर बीएमसी को भी अलर्ट कर दिया गया है। मुंबई में स्वाइन फ्लू के 43, पुणे में 23, पालघर में 22, नासिक में 20, नागपुर में 14, कोल्हापुर में 14, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में दो-दो मरीज सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से पुणे और ठाणे में दो-दो और कोल्हापुर में तीन लोगों की मौत हुई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण: यदि आपको सर्दी, गले में खराश, शरीर में दर्द जैसे फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो आपको कोरोना के साथ-साथ स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए। यह जांच नागपुर नगर निगम अस्पतालों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क की जा रही है। फिलहाल शहर में करीब 20 मरीजों की जानकारी मिली है, जिनमें से 8 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 12 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।
नागपुर नगर निगम द्वारा स्वाइन फ्लू, मंकीपॉक्स और कोरोना के खिलाफ निवारक टीकाकरण के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9175414355 जारी किया गया है। डॉ गोवर्धन नवखरे ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए यह हेल्पलाइन नंबर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगा।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए करें ये उपाय:
साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
भीड़ में जाने से बचें।
स्वाइन फ्लू के मरीजों से कम से कम 6 फीट की दूरी पर रहें।
खांसते और छींकते समय अपने मुंह को रुमाल से ढकें।
खूब पानी पिएं, पर्याप्त नींद लें।
पौष्टिक आहार लें।
यह ना करो
हाथ मिलाना या गले लगाना
सार्वजनिक रूप से थूकना।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना।
Updated on:
27 Jul 2022 10:22 pm
Published on:
27 Jul 2022 10:21 pm
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