
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 11 करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। महाराष्ट्र विधान भवन के केंद्रीय हॉल में मुंबई के चार खिलाड़ियों रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जयसवाल और शिवम दुबे को शुक्रवार को सम्मानित भी किया गया। इन चारों खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया। हालांकि राज्य के विपक्षी दलों को यह रास नहीं आया है।
कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय क्रिकेट टीम को 11 करोड़ रुपये देने के फैसले की आलोचना की है। दोनों विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें क्रिकेटरों की उपलब्धि पर गर्व है, लेकिन राज्य के खजाने से 11 करोड़ रुपये देने की कोई जरूरत नहीं है। अगर देना ही है तो मुख्यमंत्री को यह राशि अपनी जेब से देना चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, राज्य के सरकारी खजाने से 11 करोड़ रुपये देने की क्या जरूरत थी? यह खुद की पीठ थपथपाने जैसा है। कांग्रेस नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “...खजाना खाली होने दीजिए...गरीबों को मरने दीजिये। लेकिन सरकार अपनी पीठ थपथपाना चाहती है।''
वहीँ, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता और विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा, राज्य के खजाने से खिलाड़ियों को 11 करोड़ रुपये देने की जरूरत नहीं थी। हर किसी को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है और उन्हें पुरस्कार में पर्याप्त राशि मिलती है। सीएम को उन्हें अपनी जेब से 11 करोड़ रुपये देने चाहिए थे।
वहीँ, विरोधियों पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता प्रवीण दारेकर ने कहा, यह ओछी और विकृत मानसिकता दर्शाता है। भारतीय टीम के टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर पूरा देश खुश है। जबकि वडेट्टीवार इसका भी राजनीतिकरण करना चाहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि एनसीपी (शरद पवार) जो कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) की सहयोगी है, इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
Updated on:
07 Jul 2024 08:40 pm
Published on:
07 Jul 2024 08:35 pm
