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नासिक का विपिन बाफना हत्याकांड: बॉम्बे हाई कोर्ट ने दो दोषियों की फांसी की सजा को बदला; अब भुगतनी होगी 30 साल की जेल

Vipin Bafna Murder Case Nashik: नासिक के चर्चित विपिन बाफना अपहरण-हत्याकांड 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला। दो दोषियों की फांसी की सजा रद्द कर 30 साल का आजीवन कारावास सुनाया। 1 करोड़ की फिरौती के लिए हुआ था कत्ल।
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मुंबई

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Imran Ansari

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Updated: 25 Jun 2026, 6:34 PM IST

Bombay High Court

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दो दोषियों की फांसी की सजा को बदला, फोटो सोर्स- IANS

Bombay High Court Commutes Death Sentence:बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को नासिक जिले के 13 साल पुराने एक हाई-प्रोफाइल फिरौती और अपहरण-हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 22 साल के युवक विपिन बाफना की बेरहमी से हत्या करने वाले दो दोषियों की मौत की सजा (फांसी) को रद्द करते हुए, उसे 30 साल के कठोर आजीवन कारावास में बदल दिया है। जस्टिस भारती एच. डांगरे और जस्टिस मंजूषा ए. देशपांडे की खंडपीठ ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दोषियों द्वारा दायर अपीलों पर यह अहम आदेश पारित किया।

बता दें कि दिसंबर 2022 में नासिक की विशेष अदालत की जज आदिति यू. कदम ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों चेतन यशवंतराव पगारे और अमन प्रकटसिंह जाट को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने फांसी की पुष्टि के लिए और दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था।

मौत की सजा आजीवन कारावास में तब्दील

हाई कोर्ट की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषियों की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है। उनकी दोषसिद्धि के फैसले को बरकरार रखा जाता है, लेकिन उनकी मौत की सजा को कम करके 30 साल के आजीवन कारावास में तब्दील किया जाता है। वहीं, राज्य सरकार की फांसी बरकरार रखने वाली याचिका को खारिज किया जाता है।

जानिए क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला जून 2013 का है। नासिक जिले के निफाड़ तालुका के ओझर निवासी गुलाबचंद बाफना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 22 साल के बेटा विपिन बाफना 8 जून 2013 को डांस क्लास जाने के लिए घर से निकला था। शाम करीब 5 बजे वह नासिक शहर के पंचवटी करंजा इलाके में अपने भाई की कार से उतरा, जिसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। उसी रात करीब 11:15 बजे विपिन ने परिवार से फोन पर बात कर बताया कि क्लास के लिए देर हो जाने के कारण वह अपने एक दोस्त के घर रुक रहा है। हालांकि अगले दिन जब उसके पिता डांस एकेडमी पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि विपिन तो पिछले दिन क्लास में आया ही नहीं था, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई और मामला संदिग्ध बन गया।

1 करोड़ रुपए की फिरौती और खौफनाक अंत

विपिन के पिता ने बताया कि 9 जून को सुबह करीब 11:18 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने विपिन के ही मोबाइल फोन से उन्हें कॉल किया। फोन करने वाले ने सनसनीखेज दावा किया कि विपिन का अपहरण कर लिया गया है और उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। साथ ही पुलिस को न बताने की धमकी भी दी। गुलाबचंद बाफना ने 10 जून को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उस फिरौती की कॉल के बाद विपिन का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और उससे दोबारा कभी बात नहीं हो सकी। बाद में पुलिस जांच में विपिन की बेरहमी से हत्या किए जाने की बात सामने आई और पुलिस ने चेतन पगारे (तब उम्र 25 वर्ष) और अमन जाट (तब उम्र 22 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। अब वारदात के 13 साल बाद हाई कोर्ट ने दोनों की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए फांसी की सजा को 30 साल की जेल में बदल दिया है।