
Maha Mumbai में खुला पहला ऐसा सेंटर, जहां बनाई जाएगी इन अहम बीमारियों की खुराक
मुंबई. बच्चों के उम्र और वजन के अनुपात में दवाइयों की खुराक का उत्पादन शुरू करने वाले पुलवराइजेशन सेंटर को मुंबई के वाडिया अस्पताल में शुरू किया गया, जिसमें उनके माता-पिता को दिल की बीमारी, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप की गोलियों के रूप में आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखा गया। साथ ही यह खाद्य और औषधि प्रशासन की ओर से अनुमोदित होने वाला राज्य का पहला केंद्र है। बच्चों की शारीरिक आवश्यकताओं के आधार पर सामान्य बीमारियों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इन वयस्कों के कई बीमारियों के अनुपात में गोलियां उपलब्ध नहीं हैं। इस सुविधा से बच्चों के उम्र और वजन के अनुपात में दवा की खुराक निर्मित होगी, जिसमें पहले चार से पांच दिन बीत जाया करते थे।
अब लोगों को नहीं करना होगा इंतजार...
इसलिए गोलियों का पाउडर बना कर बच्चे को वजन और उम्र देने के लिए एक ही विकल्प का उपयोग किया जाता है। शिशुओं का वजन 3 किलोग्राम या उससे कम होता है तो उस अनुपात में दवा की खुराक तैयार करने के लिए, फिर दवाओं को भायखला केंद्र में भेजना होगा। वहीं अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. एसएस प्रभु ने कहा राज्य में एकमात्र केंद्र होने के नाते खुराक को तैयार होने को लेकर चार से पांच दिन पहले इंतजार करना पड़ता था। इससे निजात पाने के लिए अस्पताल में एक पुलवराइजेशन सेंटर शुरू किया गया है।
इसे कहते हैं पल्वराइजेशन...
किसी दिए गए दवा की खुराक को कम करने की प्रक्रिया को स्पंदन कहा जाता है। बच्चे को दिया जाने वाला पाउडर बारीक चूर्ण होता है और उसके वजन के अनुसार बराबर भागों में बांटा जाता है। इसकी गणना करने के लिए एक सूक्ष्म वजन का उपयोग किया जाता है। इनमें से प्रत्येक भाग में दवा की उचित खुराक पारित की गई है, यह सुनिश्चित करके ही खुराक बच्चे को दी जाएगी।
Published on:
09 Jan 2020 09:54 am
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