बताया जा रहा है कि ये दोनों योजनाएं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं और ऐसा कोई सरकारी परिपत्र भी नहीं है, लेकिन फिर भी पात्र महिलाओं को दोनों योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। एक लाभार्थी महिला ने दावा किया कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की शुरुआत में उन्हें 1500 रुपये मिले थे। लेकिन जब पीएम किसान योजना शुरू हुई तो लाडकी बहिन योजना से केवल 500 रुपये मिले। वहीँ, एक अन्य लाभार्थी महिला का कहना है कि मुझे पिछले दो वर्षों से पीएम किसान योजना के पैसे मिल रहे है। मैंने लाडकी बहीन योजना का फॉर्म भरा था, फिर भी मुझे योजना का लाभ नहीं मिला।